यूपी विधानसभा: महज पांच मिनट बोल पाए सीएम योगी, सपा विधायक पर भड़के सतीश महाना; सदन हुआ स्थगित
Supplementary budget of Yogi government: यूपी विधानसभा में मंगलवार को अनुपूरक बजट पेश किया गया। भारी हंगामे के चलते इस पर चर्चा नहीं हो सकी।
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यूपी विधानसभा में बुधवार को अनुपूकर बजट पेश किया गया है। अनुपूरक बजट पर चर्चा करने के लिए जैसे ही सीएम योगी बोलने के लिए खड़े हुए विपक्षी विधायकों खासकर सपा के सदस्यों ने हंगामा कर दिया। वह राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर पहले चर्चा करना चाह रहे थे।
सीएम योगी जैसे ही चढ़ावा चोरी पर बोलने के लिए खड़े हुए वैसे ही सपा के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर कटाक्ष करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अनुपूरक बजट पर यह चर्चा प्रदेश की 25 करोड़ जनता को ध्यान में रखकर की गई है। इस चर्चा का विषय पहले से तय था। बावजूद इसके विपक्ष ने चर्चा को करने के बजाय हंगामा करना उचित समझा।
शर्मनाक है आचरण
सीएम योगी ने हंगामे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह आचरण शर्मनाक है। अनुपूरक बजट का एजेंडा पहले ही तय हो गया था। इस पर विरोधी दलों के लोगों ने रुचि नहीं ली। बल्कि दूसरे मुद्दों पर वह व्यवधान डाल रहे हैं। विपक्ष का न तो चर्चा पर विश्वास है और न ही संवैधानिक परंपराओं पर। यह रवैया विपक्ष का सदैव रहा है। विपक्ष लगातार सदन में व्यवधान डालता रहा है।
सीएम की तस्वीर दिखाने पर भड़के विधानसभा अध्यक्ष
जब सीएम योगी इस अनुपूरक बजट पर चर्चा कर रहे थे उसी दौरान एक विपक्षी विधायक ने सीएम से जुड़ी कोई तस्वीर दिखाई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना नाराज हो गए। उन्होंने उस विधायक को सदन से बाहर करने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि इन्हें पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर किया जा रहा है। नाराज सतीश महाना ने कहा कि वह दोबारा ऐसा करते हैं तो विशेषाधिकार नोटिस लाकर उनकी सदस्यता खत्म कर देंगे।
विधानसभा में हंगामा, विपक्ष ने वेल में आकर की नारेबाजी
विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत हंगामेदार रही। समाजवादी पार्टी समेत विपक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानभवन के मुख्य पोर्टिको में पोस्टर लहराते हुए नारेबाजी की। वहीं सदन में आते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने प्रश्नकाल समेत सभी कार्यवाही रोक कर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में चर्चा कराने की मांग कर दी। विधानसभा अध्यक्ष के मना करने पर सपा सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। इससे अध्यक्ष ने सदन शुरू होने के 10 मिनट बाद ही कार्यवाही 12:20 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को शोर-शराबे के बीच वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया।
सदन की कार्यवाही 12:20 मिनट पर शुरू होने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सीएम विपक्ष के सारे सवालों का जवाब देंगे, इसके बावजूद सपा सदस्य वेल से टस से मस नहीं हुए। इस पर महाना ने कहा कि आप लोग हकीकत जानना ही नहीं चाहते हैं। संसद परिसर में बक्सा लेकर भागने वाले असली चंदा चोर की पहचान हो चुकी है। आप चर्चा से भाग रहे हैं। यह सदन के विशेषाधिकार का मामला भी बन सकता है। आप सदन को हाईजैक नहीं कर सकते हैं। राम मंदिर प्रकरण को लेकर नारेबाजी कर रहे सपा के कुछ मुस्लिम सदस्यों का नाम लेते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि आपको भी इसकी चिंता है। यदि किसी ने मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया हो तो वह रसीद लेकर आए। सदन में धार्मिक भावनाओं पर चोट पहुंचाने का प्रयास नहीं करें। आप लोगों से जब मैंने मंदिर जाने को कहा था तो कोई नहीं गया था। केवल कांग्रेस सदस्य आराधना मिश्रा मोना पार्टी लाइन से हटकर अयोध्या गई थीं।
1990 में देखा था आस्था का रूप
सपा सदस्यों द्वारा कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा करने पर संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पलटवार करते हुए कहा कि इनकी आस्था का रूप हमने 1990 में देखा था जब इन लोगों ने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी। राम मंदिर में आस्था होती तो निहत्थे रामभक्तों पर गोली नहीं चलवाते। इन लोगों ने मंदिर निर्माण में भी बाधा डालने का प्रयास किया। सुप्रीम कोर्ट में दर्जनों वकील खड़े किए ताकि राम मंदिर के पक्ष में फैसला न हो सके। जिन लोगों ने चोरी की है, एसआईटी की जांच के बाद उनको सजा दी जा रही है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए चर्चा नहीं हो सकती है। एसआईटी की रिपोर्ट में भाजपा का कोई व्यक्ति आरोपी नहीं है। जिन्होंने जीवन भर भगवान राम को नहीं माना वह अब गलत प्रचार कर भ्रम फैला रहे हैं। योगी सरकार किसी भी अपराधी को नहीं बख्शेगी।