मुजफ्फरनगर दंगे के स्टिंग ऑपरेशन का मामला खत्म, आजम खां थे निशाने पर
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यूपी विधानसभा ने मुजफ्फरनगर दंगे के स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी जांच व कार्रवाई के प्रस्ताव को खत्म करने की मंजूरी दे दी है। यह दंगा सितंबर 2013 में हुआ था। इस स्टिंग ऑपरेशन से पूर्व मंत्री आजम खां निशाने पर आ गए थे।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने गुरुवार को सदन में एक चैनल के स्टिंग से जुड़े मामले को खत्म करने का प्रस्ताव पेश किया। खन्ना ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक चैनल के इस स्टिंग ऑपरेशन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसकी जांच की जा रही थी।
विधानसभा में 23 फरवरी 2016 को निर्णय हुआ था कि सदन में अंतिम निर्णय के पूर्व दोषी को सुनने का मौका दिया जाए। चार मार्च 2016 को सुप्रीमकोर्ट ने कार्रवाई स्थगित कर दी थी।
इसके बाद 16 वीं विधानसभा का विघटन हो गया। एक अगस्त को सुप्रीमकोर्ट में इस मामले की फिर सुनवाई होनी है। ऐसे में सदन का अंतिम निर्णय जरूरी हो गया था।
प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया
खन्ना ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। जब यह मामला हुआ तब वह विपक्ष में थे और जांच समिति की गठन प्रक्रिया पर असहमति जताई थी।
उन्होंने कहा कि सदन स्वतंत्र है और संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार इसकी कार्यवाही पर कोर्ट से रोक नहीं लगाई जा सकती है।
इस मामले में आगे किसी तरह की कार्यवाही का आधार नहीं है। इस प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।