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यूपी: एकेटीयू पेपर लीक का हुआ खुलासा, टेलीग्राम चैनल पर बेचा-खरीदा जा रहा था पेपर; चैट हुआ बरामद

Mon, 25 May 2026 08:04 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 25 May 2026 08:04 AM IST
सार

Paper leak exposed: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में पेपर लीक कैसे हुआ इस बात का खुलासा अब हो गया है। मामले की जांच चल रही है। 

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UP: AKTU paper leak exposed, paper being bought and sold on Telegram channel; chat recovered
पेपर लीक। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के नोएडा स्थित परीक्षा केंद्र से बीटेक छठे सेमेस्टर का पेपर परीक्षा के दौरान ही वायरल होने के मामले में विवि को टेलीग्राम चैनल के चैट मिले हैं। इससे लग रहा है कि टेलीग्राम चैनल के जरिये पेपर खरीदा और बेचा जा रहा है।

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विवि प्रशासन को पेपर वायरल मामले में व्हाट्सएप ग्रुप पर और नोएडा, गाजियाबाद में टेलीग्राम चैनल ग्रुप पर हुए चैट भी मिले हैं। इसमें एक छात्र कह रहा है कि पेपर पूरा का पूरा मत करना वर्ना पता चल जाएगा कि पेपर हमें मिल गया है। इतना ही नहीं एक छात्र यह भी कह रहा है कि आधे घंटे बचे हैं, अब पेपर लेने का क्या फायदा। तो एक कह रहा है कि उसे समय से पेपर मिल गया था। हालांकि अभी विवि को साइबर सेल की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। विवि प्रशासन का यह प्रयास है कि साइबर सेल से वो ऐसे लोगों तक भी पहुंचे ताकि पेपर वायरल करने वाले चैनल का पता चल सके और भविष्य में कोई गड़बड़ी फिर न हो।
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पेपर भेजने की प्रक्रिया होगी और सुरक्षित
एकेटीयू पेपर वायरल का मामला सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था में और सख्ती करेगा। इसके लिए पेपर भेजने और प्रिंट करने की व्यवस्था में और बदलाव करते फूलप्रूफ किया जाएगा। अभी ऑनलाइन पेपर भेजने के लिए क्रिडेंशियल लॉगिन और कोड, प्रिंट पर वाटर मार्किंग की व्यवस्था है। अब विवि ने इसमें एक और स्टेप जोड़ने की तैयारी शुरू की है। इसके लिए व्यवस्था कुछ ऐसी होगी कि बिना केंद्र प्रभारी और संस्थान के किसी जिम्मेदार अधिकारी की सूचना के कोई प्रक्रिया पूरी न की जा सके। इससे पेपर प्रिंट होने से संबंधित जानकारी प्रमुख लोगों के पास होगी। इसी क्रम में विवि स्तर पर पेपर वायरल करने से संबंधित जांच पूरी हो चुकी है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया ने बताया कि सोमवार को विवि प्रशासन इस मामले में कड़े निर्णय लेगा। छात्रों का कोई अहित नहीं होने दिया जाएगा।

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