फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Akhilesh Yadav's attack on BJP on the withdrawal of agricultural law, said - this is a defeat of arrogance

यूपी : कृषि कानून वापसी पर अखिलेश यादव बोले- यह अहंकार की हार और किसानों की जीत

Fri, 19 Nov 2021 10:45 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 19 Nov 2021 10:45 PM IST
सार

- कहा माफी से नहीं चलेगा काम, इस बार जनता कर देगी साफ
- कृषि कानूनों की वापसी पर बोले सपा प्रमुख अखिलेश यादव
-  कहा भाजपा को किसानों की फिक्र नहीं वोटों की फिक्र है, चुनाव के मद्देनजर ही लिया गया यह निर्णय

विज्ञापन
UP: Akhilesh Yadav's attack on BJP on the withdrawal of agricultural law, said - this is a defeat of arrogance
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

कृषि कानूनों को वापस लेने के निर्णय पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि यह अहंकार की हार और लोकतंत्र की जीत है । जनता भाजपा को माफ नहीं करेगी बल्कि इन्हें साफ कर देगी। भाजपा को किसानों की नहीं, वोटों की फिक्र है और यह निर्णय भी चुनाव के मद्देनजर लिया गया है। अखिलेश सपा के प्रदेश कार्यालय पर शुक्रवार को मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे।

विज्ञापन


अखिलेश ने कहा कि इन काले कानूनों को इसलिए वापस करना पड़ा क्योंकि सरकार डर गई है। जिस तरह से किसानों ने विरोध किया और समाजवादी पार्टी के साथ नौजवान, किसान हर वर्ग खड़ा हुआ उसकी गूंज दिल्ली तक गई। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं के लिए ऐसे-ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता था। इसके लिए भाजपा का पूरा मंत्रिमंडल ही नहीं बल्कि सरकार को ही इस्तीफा दे देना चाहिए। लखीमपुर में किसानों को कुचला गया और आरोपी अभी तक मंत्रिमंडल में है। इसकी जिम्मेदारी से सरकार कैसे बच सकती है?
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले नोटबंदी भी एक ऐसा ही फैसला था। सभी को पता है कि क्या उससे कोई अर्थव्यवस्था सुधरी। वह भी गलत था।  उन्होंने किसानों को कानून वापसी की घोषणा पर बधाई दी, पर कहा कि हो सकता है कि चुनाव बाद फिर से इन कानूनों को वापस ले आएं। इसका भरोसा कौन देगा? उन्होंने कहा कि आज किसान त्रस्त है। किसानों को न खाद मिल रहा है न  ही धान का उचित दाम।  ऐसे में सरकार को एमएसपी कानून लागू करना चाहिए ।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुंदेलखंड में धान की कोई खरीद नहीं हुई है। किसान परेशान हैं। सरकार ने मंडियों को बजट तक जारी नहीं किया। अब माफी नहीं चलेगी । उन्होंने कहा कि जिस तरह से जन समर्थन खड़ा हुआ है उसके कारण ही यह कानून वापस हुए हैं। आंदोलन खत्म करने केसवाल पर कहा कि यह निर्णय किसान लें कि उन्हें आगे क्या करना है?



बड़ों को और छोटे प्रभारी बनाएंगे
अखिलेश ने कहा कि जिस तरह से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक को क्षेत्रों का प्रभारी बनाया गया है उसी तरह से आगे बड़ों को और छोटा-छोटा प्रभारी बनाया जाएगा क्योंकि यह साफ नजर आ रहा है कि इस बार प्रदेश से भाजपा का सफाया हो रहा है । रालोद के साथ गठबंधन पर उन्होंने कहा कि जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी। शिवपाल यादव को भी पूरा सम्मान देने की बात कही।

डीजीपी देख लेंगे कि हमारा इन्फ्रास्ट्रक्चर कैसा था
लखनऊ में हो रही डीजीपी कान्फ्रेंस को लेकर अखिलेश ने कहा कि सिग्नेचर बिल्डिंग (पुलिस मुख्यालय) को देखकर देश भर से आने डीजीपी भी देख सकेंगे कि सपा की सरकार में किस तरह का इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेप किया गया था।

किसान क्रांति संगठन मंच संगठन का सपा में विलय

किसान क्रांति संगठन मंच संगठन का सपा में विलय
किसान क्रांति मंच संगठन ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी में विलय कर लिया है। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि इस संगठन के अध्यक्ष ओंकार सिंह लोधी ने सपा प्रदेश कार्यालय पर विलय की घोषणा की। वह अपने संगठन के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों सहित समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।

सरोपा भेंट किया 
गुरु नानक देव जी के अवतरण दिवस प्रकाश पर्व पर  पंजाबी महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को गुरु नानक देव जी का चित्र और सरोपा भेंट किया। प्रतिनिधिमंडल में पंजाबी महासभा के अध्यक्ष पवन मनोचा, सिख कल्याण समिति अध्यक्ष  हरप्रीत सिंह,  जितेन्द्र सिंह संधू, जसमीत सिंह, तरनजोत सिंह, गुनदीप सिंह, गोपाल सेठी, कुश अरोड़ा आदि शामिल थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed