यूपी: आमने-सामने आए अखिलेश यादव और ब्रजेश पाठक, पीडीए को लेकर छिड़ी बहस; डिप्टी सीएम ने किया पलटवार
Akhilesh Yadav: एक वीडियो इंटरव्यू के बाद अखिलेश यादव और ब्रजेश पाठक के बीच जंग छिड़ गई है। इस वीडियो इंटरव्यू में अखिलेश के कार्यकाल पर सवाल उठाया गया था।
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सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बीच एक जंग छिड़ गई है। करीब 13 मिनट के एक वीडियो इंटरव्यू पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सोशल मीडिया पर आने सामने आ गए हैं। सपा के पीडीए और सपा कार्यकाल के दौरान सामाजिक न्याय की स्थिति पर सवालिया निशान खड़ा करने वाले इस वीडियो के सामने आने के बाद अखिलेश ने ब्रजेश को सरकार, दल और संगठन में नाकाम करार दिया तो जवाबी पलटवार करते हुए ब्रजेश ने अखिलेश को तानाशाह, युवराज और झूठ का सौदागर करार दिया।
दरअसल इस वीडियो इंटरव्यू में ब्रजेश पाठक पत्रकार की भूमिका में राज्य सरकार के मंत्री नरेश कश्यप का इंटरव्यू ले रहे हैं। इस दौरान सपा के पीडीए को परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी कहने के साथ अखिलेश और मुलायम सरकार के कार्यकाल के दौरान सामाजिक न्याय की स्थिति पर तीखा वार किया गया है। वीडियो में मोदी सरकार के सामाजिक न्याय के क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए सपा पर निशाना साधा गया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से ब्रजेश पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा जो स्वास्थ्य मंत्री के रूप में साबित हो गए बेकार, अब वो बन गए पत्रकार, क्योंकि समय बिताने के लिए करना है कुछ काम; सरकार, संगठन, दल में तो पहले ही हुए नाकाम। प्रदेश की जनता बिन-बिजली गर्मी-बीमारी में तड़प रही है और भाजपाई मंत्री ‘इंटरव्यू-इंटरव्यू’ खेलकर गर्मी की छुट्टियां मना रहे हैं। फिर डपट पड़ेगी डिप्टी को! बेहद बचकाना!
ब्रजेश ने तत्काल किया पलटवार
अखिलेश के हमले का ब्रजेश ने तत्काल पलटवार करते हुए उन्हें युवराज करार देते हुए झूठ का सौदागर बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय, तत्कालीन जनसंघ अध्यक्ष पीतांबर दास, भारत रत्न नानाजी देशमुख और महान समाजवादी विचारक स्व. डॉ. राममनोहर लोहिया आपस में संवाद करते एतिहासिक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि तानाशाह ही संवाद के विरोधी होते हैं। उन्होंने लिखा पत्रकार होना गर्व की बात है। मैं तो एक साधारण सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हूं, लेकिन हमारा गौरवशाली इतिहास गवाह है कि जितने भी महान जननेता हुए हैं, वे लगभग सभी पत्रकार रहे हैं।
संवाद को बताया सनातन परंपरा
अपने पोस्ट में डिप्टी सीएम ने संवाद को सनातन की परंपरा बताया। उन्होंने जेपी को उद्धृत करते हुए लिखा कि तानशाह ही संवाद के विरोधी होते हैं। हमारे पत्रकार भाई बहन समाज के कर्मयोगी हैं। उन्हें खलिहर बताना उनका सीधा अपमान है। युवराज को मेहनतकश लोग बुरे लगेंगे और झूठ के सौदागर को ही संवाद से डर लगेगा।
डिप्टी सीएम ने दिया जवाब
अपने लंबे-चौड़े पोस्ट में डिप्टी सीएम ने यह भी लिखा कि वह बतौर स्वास्थ्य मंत्री लोक स्वास्थ्य सेवा को बेहतर कर रहे हैं। इसके अलावा एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में संवाद के जरिए लोककर्तव्य निभा रहे हैं। अब इस पर उन्हें मिर्ची लगती है तो मैं क्या करूं?