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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Akhilesh will meet Azam, but after 15 days, will the speculation about joining BSP come to an end?

यूपी: आजम से मिलेंगे अखिलेश, लेकिन 15 दिन बाद, बसपा में जाने की अटकलों में क्या लग जाएगा विराम?

Wed, 24 Sep 2025 09:30 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 24 Sep 2025 09:30 PM IST
सार

Akhilesh will meet Azam: अखिलेश यादव आजम खां से मिलेंगे। लेकिन यह मुलाकात अभी न होकर आठ अक्तूबर को तय की गई है। इस मुलाकात के राजनीतिक मायने तलाशें जा रहे हैं। 

 

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UP: Akhilesh will meet Azam, but after 15 days, will the speculation about joining BSP come to an end?
आजम से मिलने जाएंगे अखिलेश। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 8 अक्तूबर को पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां से मिलने रामपुर जाएंगे। इसके अगले ही दिन लखनऊ में बसपा की रैली है। इससे आजम के बसपा में जाने के कयासों पर विराम भी लगेगा। वहीं, आजम खां ने भी रामपुर में बुधवार को मीडिया से कहा कि अखिलेश उनके लिए अजीज हैं। वे अखिलेश का भला और उनकी सरकार चाहते हैं।

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आजम खां मंगलवार को ही सीतापुर की जेल से रिहा हुए थे। तब उन्होंने मीडिया से बातचीत में सपा नेतृत्व से नाराजगी या बसपा में जाने के सवाल पर कोई साफ जवाब नहीं दिया। इससे तमाम तरह की अटकलें शुरू हो गईं। आजम ने यहां तक कहा कि अगर वे बड़े नेता होते तो सपा के बड़े नेता मंगलवार को उनसे मिलने आए होते।
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सपा मुख्यालय ने बुधवार को सपा अध्यक्ष का कार्यक्रम जारी कर दिया कि अखिलेश यादव 8 अक्तूबर को रामपुर जाएंगे। इस तिथि का महत्व इसलिए भी है कि बसपा प्रमुख मायावती ने 9 अक्तूबर को काशीराम की पुण्यतिथि के अवसर पर बड़ी रैली करने की घोषणा की है। चर्चा फैलाई जा रही थी कि आजम खां इस रैली में शामिल होंगे। लेकिन, अखिलेश के कार्यक्रम जारी होने और आजम के बुधवार के बयान ने इन अटकलों पर एक तरह से विराम लगा दिया।
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यहां बता दें कि सपा नहीं चाहती कि आजम खां कुछ ऐसा बोलें, जिससे भाजपा को मतदाताओं को हिंदू और मुसलमान में बांटने का मौका मिला। साथ ही आजम खां की अहमियत को कम आकने का खतरा भी सपा नहीं ले सकती, क्योंकि अल्पसंख्यक समाज का एक वर्ग आजम खां के साथ खड़ा है। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव रामपुर जाकर इन दोनों स्थितियों के बीच संतुलन साधने का कोई रास्ता निकालेंगे।

बसपा पर साफ जवाब

आजम खां ने बुधवार को रामपुर में पत्रकारों से बात की। बसपा में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने दो टूक कहा कि हमारे पास चरित्र नाम की एक चीज है। इसका मतलब यह नहीं कि हमारे पास कोई पद या ओहदा हो। लोग हमें प्यार करें, इज्जत दें और यह साबित हो कि हम बिकाऊ माल नहीं हैं, यही काफी है। मुरादाबाद के पूर्व सांसद एचटी हसन को लेकर उन्होंने कहा कि जब मैं अपने आदमी को टिकट नहीं दिला पाया, तो किसी और का टिकट कैसे कटवा सकता हूं।

किसी के लिए कड़वाहट नहीं
जब उनसे पूछा गया कि जेल के दौरान कई बड़े नेता उनसे मिलने नहीं आए, तो आज़म खां ने कहा कि मेरे मन में किसी के लिए नाराजगी नहीं है। मैं चाहता हूं कि वह खुश और आबाद रहें। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले जो लोग उन्हें नहीं पहचानते थे, अब दर्ज मुकदमों की वजह से सब जानने लगे हैं।

अखिलेश को कहा शुक्रिया
आजम खां ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को बड़ा नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने मेरे बारे में बात करके हौसला बढ़ाया। मैं उनका शुक्रगुजार हूं। अखिलेश मेरे उतने ही करीब हैं, जितने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) थे।
 

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