यूपी: अजय राय का दावा, महाकुंभ हादसे के शिकार परिवारों को कम मिला है मुआवजा; 25 की जगह पांच लाख देने का आरोप
Congress President Ajay Rai: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय ने दावा किया कि महाकुंभ हादसे में शिकार परिवारों को 25 की जगह पांच लाख रुपए दिए गए हैं।
विस्तार
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय ने दावा किया कि प्रयागराज हादसे में दम तोड़ने वाले लोगों के परिजनों को पुलिस द्वारा 25 की जगह पांच-पांच हजार रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अभी तक मृतकों की सूची क्यों नहीं जारी की जा रही है? क्या भाजपा सरकार मुआवजे के नाम पर नया घोटाला करने की तैयारी में है? इस दौरान उन्होंने झारखंड में मुआवजा देने गई उत्तर प्रदेश पुलिस की तस्वीर भी सार्वजनिक की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय ने कहा कि बदहाली और अव्यवस्था का शिकार हुए कुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हुए हादसे में तमाम लोगों की मौत हुई। पहले तो सरकार ने स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस ने मुद्दा उठाया तो 30 लोगों की मौत को भाजपा सरकार ने स्वीकार किया। जबकि कांग्रेस की ओर से लगातार यह गया जाता रहा कि अलग- अलग राज्यों के तमाम लोगों की मौत हुई है। सरकार अपने तंत्र के जरिए इनकी खोज कराए और सभी मृतकों के परिजनों को मुआवजा दे। अब भाजपा सरकार की हकीकत सामने आ रही है। झारखंड का प्रकरण तो एक सबूत मात्र हैं। इस तरह की तमाम घटनाएं हैं। उन्होंने कुछ तस्वीरें, अखबार में छपी खबरों को दिखाते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार अपने झूठ को छुपाने के लिए नियम विरुद्ध रास्ते अपनाकर मृतकों के आश्रितों को चुप कराने की कोशिश कर रही है।
पुलिस करतूतों पर डाल रही है पर्दा
मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए बगैर उत्तर प्रदेश पुलिस मृतकों के परिजनों को नगद रुपये दे रही है। इसके जरिए अपनी करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। पूर्व मंत्री अजय राय ने दावा किया कि झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी के सुंदर नगर के रहने वाले शिवराज गुप्ता की प्रयागराज कुंभ में मौनी अमावस्या के दिन मृत्यू हुई थी। उनका नाम मृतकों की सूची में नहीं था। ना ही प्रदेश सरकार ने उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया है। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश पुलिस उनके आवास पर पहुंची और आश्रितों को पांच लाख रुपये का नकद मुआवजा दी। जब शिवराज गुप्ता के पुत्र शिवम ने पांच लाख रुपये लेने से इनकार कर दिया। कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मुआवजा 25 लाख रुपये घोषित किया था। नकदी में बिना कागजी प्रक्रिया पूरी किए यह मुआवजा क्यों दिया जा रहा है? जबकि झारखण्ड के स्थानीय अधिकारियों द्वारा ऐसी किसी भी कार्यवाही से अनभिज्ञता जताई है।
पश्चिम बंगाल व अन्य राज्यों में भी दिए पांच- पांच लाख
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया कि उनके पास ऐसी भी जानकारी आई है कि पश्चिम बंगाल के भी दो परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये नकद दिए गए हैं। वहां भी स्थानीय अधिकारियों द्वारा इस संबंध में अनभिज्ञता जताई गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही छुपा कर क्यों की जा रही है? घटना को लगभग 2 महीने के करीब बीत चुके हैं। मगर अभी तक ना मृतकों की सही सूची और ना ही लापता की सूची जारी नहीं की गई है। बिना दूसरे राज्य की सरकार को विश्वास में लिए पुलिस द्वारा नकद पैसा भेज कर क्या छुपाने की कोशिश की जा रही है? उन्होंने कहा कि नकद में कम मुआवजा देकर क्या कोई नया घोटाला किया जा रहा है?
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