यूपी: 50 बंदरों की रहस्यमयी मौत के मामले में हरकत में आया प्रशासन, बर्खास्त हुए वनकर्मी, डीएम ने बैठाई जांच
सोशल मीडिया पर इस मामले का फोटो बृहस्पतिवार को वायरल होने के बाद हरकत में आए वन विभाग ने इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया था। विभाग के मुताबिक यह मामला बीते 21 अगस्त का है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी के बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में 50 बंदरों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। वहीं इस मामले को दबाने को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ ने एक फारेस्ट गार्ड को निलंबित करने के साथ एक वन दरोगा को मुख्यालय में अटैच कर दिया है। जबकि दो वाचर बर्खास्त कर दिए गए है। डीएफओ स्वीकार कर रहे है कि दस से अधिक बंदरों को मारा गया है। इस मामले में केस दर्ज करवाकर कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है। एक तरफ जहां वन विभाग की टीम जांच कर रही है वहीं डीएम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है। प्रदेश के वन मंत्री ने भी पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। वहीं साधु, संत व आम लोग इस घटना को लेकर आक्रोश प्रकट कर रहे है। मामले में दोषी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
मिहीं पुरवा तहसील क्षेत्र के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के मोतीपुर वन रेंज में खपरा वन चौकी के पास करीब 50 बंदरों को मारकर फेंक दिया गया था। सोशल मीडिया पर इस मामले का फोटो बृहस्पतिवार को वायरल होने के बाद हरकत में आए वन विभाग ने इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया था। विभाग के मुताबिक यह मामला बीते 21 अगस्त का है। अमर उजाला ने प्रमुखता से इस खबर का प्रकाशन किया है। इसके बाद वन विभाग हरकत में आया और शुक्रवार को आला अधिकारी मौके पर पंहुचकर घटना का पता लगाने में जुटे गए हैं। सूत्रों ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी घटनास्थल से कुछ दूरी पर बसे गांव के ग्रामीणों से मृत बन्दरों के बारे में जानकारी करने का प्रयास कर रहे हैं। डीएफओ आकाशदीप बधावन , एसडीएम नानपारा अजीत परेश व सीओ राहुल पांडेय के साथ माैके पर पहुंचकर जांच कर रहे है। विभाग की डॉग स्क्वायड टीम भी जांच में जुटी
इन वन कर्मियों पर गिरी गाज
बंदरो की मौत मामले में फारेस्टगार्ड ठाकुर प्रसाद को निलंबित कर दिया है। जबकि वन दरोगा कमला प्रसाद को जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय में अटैच किया गया है। दो वाॅचरो को बर्खास्त करने के साथ रेंज अफसर सुरेंद्र तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 21 अगस्त का यह मामला है। वनकर्मियों को इसके बारे में पता चला लेकिन उच्चाधिकारियों को बताने के बजाए इसको दबाने का प्रयास किया गया। अभी तक की जांच में दस से अधिक बंदरों की मौत होने की बात सामने आई है। इस मामले में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने बनाई तीन सदस्यीय कमेटी, वन मंत्री ने तलब की रिपोर्ट
बंदरों की मौत के मामले में जहां कतनियाघाट वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ आकाशदीप बधावन एक टीम बनाकर जांच करवा रहे है। वहीं डीएम मोनिका रानी ने भी एसडीएम नानपारा अजीत परेश, सीओ नानपारा राहुल पांडेय व डीएफओ आकाशदीप बधावन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। डीएम ने जल्द से जल्द इस मामले की पूरी रिपोर्ट भी तलब की है। इसके बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाने की तैयारी है। वहीं प्रदेश के वनमंत्री अरूण सक्सेना ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है।