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यूपी: एक्सप्रेसवे सहित मुख्य सड़क मार्गों की दुर्घटनाओं पर लगेगा अंकुश, लगाए जाएंगे ऑटोमैटिक हाइटेक उपकरण

Sun, 26 Oct 2025 07:52 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 26 Oct 2025 07:52 PM IST
सार

Road accident in UP: यूपी में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर हाईटेक उपकरणों की स्थापना की जाएगी।

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UP: Accidents on major roads, including expressways, will be curbed; automatic, high-tech equipment will be in
एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट रोकने की होगी कोशिश। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर हाईटेक उपकरणों की स्थापना की जाएगी। वित्त मंत्रालय के निर्देश पर परिवहन विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। इनकी स्थापना स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इंवेस्टमेंट योजना के तहत नगर विकास विभाग, पुलिस, परिवहन विभाग, परिवहन निगम, लोक निर्माण विभाग, यूपीडा, यीडा आदि द्वारा जल्द की जानी है।

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बता दें कि योजना के तहत हाई रिस्क कॉरीडोर, हाई डेंसिटी कॉरीडोर और क्रिटिकल जंक्शन पर इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेट डिवाइसेज स्थापित किए जाने हैं। हाई रिस्क कॉरीडोर के तहत तीनों तरह की सड़कों का एक किमी लंबाई का वह भाग चिन्हित किया जाएगा, जहां बीते 3 वर्ष में न्यूनतम तीन हादसे हुए हैं। वहीं शहरी और ग्रामीण इलाके की उन सड़कों को भी चिन्हित किया जाएगा, जहां 3 वर्ष में न्यूनतम दो हादसे हुए हैं।
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प्रमुख जिला मार्ग और अन्य जिला मार्ग का भी यही मानक होगा। इसके अलावा स्कूल और अन्य शैक्षिक संस्थानों के आसपास की सौ मीटर की सड़क भी इसके दायरे में आएगी। साथ ही, जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा नामित सड़कें भी हाई रिस्क कॉरीडोर के तहत शामिल की जाएंगी। वहीं उच्च घनत्व (हाई डेंसिटी) वाले कॉरीडोर के तहत ऐसे स्थान और सड़कें चिन्हित की जाएंगी, जहां यातायात उल्लंघन (ओवर स्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग, लेन अनुशासनहीनता, क्रॉस पेडेस्ट्रियन मूवमेंट) होता है।
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इसका लक्ष्य पैदल यात्री, दो पहिया वाहन, साइकिल चालकों की हादसे में होने वाली मौतों को रोकना है। वहीं क्रिटिकल जंक्शन के तहत तीनों तरह की सड़कों पर स्थित ऐसे जंक्शन को शामिल किया जाएगा, जहां तीन वर्ष में न्यूनतम एक दुर्घटना हुई है।

ये उपकरण लगाए जाएंगे

ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरा, स्पीड कैमरा, एआई बेस्ड वॉयलेशन डिटेक्शन (मोबाइल का इस्तेमाल, हेलमेट धारण नहीं करना, गलत दिशा में वाहन चलाना), रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्टर, डिजिटल साइनेज, वैरिएबल मैसेज साइन, बॉडी वार्न कैमरा, सीसीटीवी, डैशबोर्ड कैमरा, इंटरसेप्टर विद स्पीड गन, वे-इन-मोशन।
 

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