फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Aadhaar can be included in Khatauni; revenue officer's report required for amendment; learn the update

यूपी : खतौनी में आधार का नाम करा सकेंगे दर्ज; संशोधन के लिए राजस्व कर्मी की रिपोर्ट होगी जरूरी; जानें अपडेट

Thu, 20 Nov 2025 09:40 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: आकाश द्विवेदी Updated Thu, 20 Nov 2025 09:40 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश में किसान अब आधार के अनुसार खतौनी में अपना नाम दर्ज करवा सकेंगे। राजस्व कर्मी की रिपोर्ट के बाद संशोधन की सुविधा मिलेगी, जिससे तीन करोड़ किसानों को लाभ होगा। नाम मिसमैच के कारण ई-केवाईसी और सम्मान निधि में आ रही दिक्कतें भी दूर होंगी। 

विज्ञापन
UP: Aadhaar can be included in Khatauni; revenue officer's report required for amendment; learn the update
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तर प्रदेश में किसान खतौनी में आधार कार्ड के अनुसार नाम का संशोधन करवा सकेंगे। राजस्व परिषद जल्द ही यह सुविधा देने जा रहा है। इससे प्रदेश के करीब तीन करोड़ किसानों को लाभ होगा। नाम का मिलान न हो पाने के चलते किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों को भी लाभ मिलेगा।
विज्ञापन


प्रदेश में इन दिनों खतौनी (भूमि का राजस्व रिकॉर्ड) को आधार से लिंक करने का काम चल रहा है। इसमें तमाम किसानों का नाम खतौनी और आधार कार्ड में अलग-अलग होने से बड़ी दिक्कतें आ रहीं हैं। इससे किसानों को उन सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी मुश्किलें आती हैं, जिनमें खतौनी लगाना अनिवार्य होता है। 
विज्ञापन


इसे देखते हुए राजस्व परिषद ने निर्णय लिया है कि किसानों को आधार के अनुसार खतौनी में अपना नाम दर्ज करवाने की सुविधा दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए लेखपाल या अन्य संबंधित राजस्व कर्मी को यह रिपोर्ट लगानी होगी कि खतौनी और आधार में दर्ज नाम एक ही व्यक्ति के हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजस्व परिषद के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, अगले दो महीने में यह सुविधा देने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं, राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि आधार वाला नाम ही खतौनी में हो, इसके लिए हम खतौनी में नाम संशोधन की सुविधा देने पर विचार कर रहे हैं। 





 

किसानों को ई-केवाईसी में नहीं आएगी दिक्कत

प्रदेश में किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने वाले 2 करोड़ 34 लाख 61 हजार 696 किसान हैं, लेकिन इस बार 2 करोड़ 15 लाख 71 हजार 323 किसानों के खातों में ही सम्मान निधि भेजी गई। 1890373 किसानों के खातों में राशि नहीं गई। 

इसकी एक वजह ई-केवाईसी का न होना भी बताया जा रहा है। दरअसल, ई-केवाईसी के लिए खतौनी और आधार के नाम में मिलान होना जरूरी है। आधार के अनुसार खतौनी में नाम परिवर्तन की सुविधा मिलने पर यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
 

किसके नाम कितनी जमीन का भी पता लगेगा

सभी गाटा संख्या आधार से जुड़ने पर यह आसानी से पता चल सकेगा कि किस व्यक्ति के नाम पर यूपी के विभिन्न जिलों में कुल कितनी जमीन है। अभी तक यह रिकॉर्ड सिर्फ तहसील स्तर का ही होता है। 

यहां बता दें कि सीलिंग एक्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में किसी भी एक व्यक्ति के नाम सिंचित भूमि 18 एकड़ और असिंचित भूमि 27 एकड़ से अधिक नहीं हो सकती है। बाग और ऊसर भूमि के लिए यह सीमा 45 एकड़ है। उससे ज्यादा जमीन होने पर इसे सरकार में निहित किए जाने का प्रावधान है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed