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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: A 24-hour auspicious window for shopping this Dhanteras; learn about the convergence of Hasta Nakshatra an

यूपी: इस बार धनतेरस पर खरीदारी के लिए 24 घंटे का शुभ मुहूर्त, जानें हस्त नक्षत्र और शुक्र प्रदोष का संयोग

Tue, 03 Nov 2026 07:27 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला, लखनऊ
अमर उजाला, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Tue, 03 Nov 2026 07:27 PM IST
सार

इस बार धनतेरस छह नवंबर को मनाई जाएगी। खरीदारी का शुभ मुहूर्त सुबह 11:07 बजे से अगले दिन 11:44 बजे तक रहेगा। शाम 5:20 से 7:56 बजे तक लक्ष्मी-कुबेर पूजन होगा। हस्त नक्षत्र और शुक्र प्रदोष का संयोग भी बन रहा है। दीपोत्सव दस नवंबर तक चलेगा।

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UP: A 24-hour auspicious window for shopping this Dhanteras; learn about the convergence of Hasta Nakshatra an
धनतेरस 2026 - फोटो : अमर उजाला AI

विस्तार

धनतेरस के साथ छह नवंबर से पांच दिवसीय दीपोत्सव शुरू होगा। इस बार धनतेरस पर खरीदारी के लिए करीब 24 घंटे का शुभ मुहूर्त रहेगा। शाम को प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा होगी। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, धनतेरस पर हस्त नक्षत्र और शुक्र प्रदोष का संयोग भी बन रहा है। इसे धन, वैभव, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए अच्छा संयोग माना जाता है। 

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सोना-चांदी के अलावा तांबा, पीतल और फूल के बर्तन खरीदना भी शुभ रहेगा। काशी पंचांग के अनुसार, छह नवंबर को धनतेरस, सात को नरक चतुर्दशी और हनुमान जयंती, आठ को दीपावली, नौ को गोवर्धन पूजा और 10 नवंबर को भाई दूज व चित्रगुप्त पूजन होगा।

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खरीदारी और पूजा का मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य गौरीशंकर दीक्षित ने बताया कि धनतेरस पर खरीदारी का शुभ समय छह नवंबर सुबह 11:07 बजे से सात नवंबर सुबह 11:44 बजे तक है। राहुकाल सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। लक्ष्मी-कुबेर पूजन शाम 5:20 से 7:56 बजे तक और वृषभ लग्न में 5:50 से 7:47 बजे तक होगा।

 

 

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धन्वंतरि पूजन और यमदीपदान

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा कर आरोग्य की कामना की जाती है। शाम को चार बत्तियों वाला दीपक मुख्य द्वार पर जलाकर यमदीपदान किया जाता है। मान्यता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।

 

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धन पोटली की परंपरा

दीपावली पर लाल कपड़े में धनिया, पांच गोमती चक्र, पांच कौड़ियां, पांच कमलगट्टे, हल्दी की गांठ, नमक और सिक्का रखकर धन पोटली बनाने की परंपरा है। रात में वृषभ या सिंह लग्न में लक्ष्मी-कुबेर मंत्रों की 11 माला जपकर इसे तिजोरी में रखा जाता है।

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