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यूपी: मानसून थमते ही 50 हजार किमी सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, 23 हजार किमी सड़कों का होगा नवीनीकरण
Wed, 13 Sep 2023 06:05 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 13 Sep 2023 06:05 AM IST
सार
प्रदेश में गड्ढामुक्ति अभियान में 10 विभाग शामिल होंगे। सर्वे के अनुसार, सभी विभागों को कुल 50,000 किमी सड़कें गड्ढामुक्त करनी होंगी। करीब 23,000 किमी सड़कों का नवीनीकरण या विशेष मरम्मत का काम होगा।
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बारिश की वजह से बहुत सारी सड़कें खराब हो गई हैं।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
प्रदेश में मानसून थमते ही 50 हजार किमी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू होगा। इतना ही नहीं सभी संबंधित विभागों को मिलकर 23 हजार किमी सड़कों को नए सिरे से बनाना होगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने इसे लेकर मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने सभी अधिकारियों को दीवाली से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में गड्ढामुक्ति अभियान में 10 विभाग शामिल होंगे। सर्वे के अनुसार, सभी विभागों को कुल 50,000 किमी सड़कें गड्ढामुक्त करनी होंगी। करीब 23,000 किमी सड़कों का नवीनीकरण या विशेष मरम्मत का काम होगा। इसमें 44,887 किमी सड़कों को पीडब्ल्यूडी गड्ढामुक्त करेगा, जबकि उसे 17,588 किमी लंबी सड़कों का नवीनीकरण कराना होगा। इस अभियान के तहत पीडब्ल्यूडी कुल 62,457 किमी में काम कराएगा। बता दें कि पीडब्ल्यूडी के अधीन 2,78,000 किमी और अन्य विभागों के पास 1,06,000 किमी लंबी सड़कों का नेटवर्क है। इस तरह से प्रदेश में कुल 3,84,000 किमी लंबा सड़क नेटवर्क है।
तीन वर्ष पहले बनी सड़कों की ही होगी पैच मरम्मत
पैच मरम्मत में सिर्फ उन्हीं सड़कों को लिया जाएगा, जिनका निर्माण तीन वर्ष या उससे पहले हुआ है। रखरखाव व निर्माण कार्यों में मैनुअल के स्थान पर नई तकनीक का अधिकाधिक उपयोग किया जाएगा।
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बजट की कमी नहीं, कोई क्षतिग्रस्त सड़क छूटे नहीं
पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि सीएम के निर्देशों को देखते हुए मौसम ठीक होते ही सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चलाया जाए। पूरे प्रदेश में कोई सड़क नहीं छूटनी चाहिए। बजट की कोई कमी नहीं है। जरूरत पड़ी तो संसाधनों को बढ़ाया भी जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां सड़कों पर पानी का जमाव होता है, वहां पानी निकासी की व्यवस्था करें। सड़क बनाने वाली एजेंसी या ठेकेदार सड़क बनने के अगले 5 वर्ष तक उसके अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी उठाएगा।
इस बारे में नियम-शर्ते स्पष्ट रूप से उल्लिखित की जाएं। गांव को कस्बों और कस्बों को शहर से जोड़ने वाले मार्ग दुरुस्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं और राज्य मंत्री विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे और निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन भी कराएंगे। समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री बृजेश सिंह, प्रमुख सचिव अजय चौहान, विशेष सचिव प्रभुनाथ व केपी सिंह, प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष एके जैन, प्रमुख अभियंता, ग्रामीण सड़क वीके श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
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प्रदेश में गड्ढामुक्ति अभियान में 10 विभाग शामिल होंगे। सर्वे के अनुसार, सभी विभागों को कुल 50,000 किमी सड़कें गड्ढामुक्त करनी होंगी। करीब 23,000 किमी सड़कों का नवीनीकरण या विशेष मरम्मत का काम होगा। इसमें 44,887 किमी सड़कों को पीडब्ल्यूडी गड्ढामुक्त करेगा, जबकि उसे 17,588 किमी लंबी सड़कों का नवीनीकरण कराना होगा। इस अभियान के तहत पीडब्ल्यूडी कुल 62,457 किमी में काम कराएगा। बता दें कि पीडब्ल्यूडी के अधीन 2,78,000 किमी और अन्य विभागों के पास 1,06,000 किमी लंबी सड़कों का नेटवर्क है। इस तरह से प्रदेश में कुल 3,84,000 किमी लंबा सड़क नेटवर्क है।
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तीन वर्ष पहले बनी सड़कों की ही होगी पैच मरम्मत
पैच मरम्मत में सिर्फ उन्हीं सड़कों को लिया जाएगा, जिनका निर्माण तीन वर्ष या उससे पहले हुआ है। रखरखाव व निर्माण कार्यों में मैनुअल के स्थान पर नई तकनीक का अधिकाधिक उपयोग किया जाएगा।
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बजट की कमी नहीं, कोई क्षतिग्रस्त सड़क छूटे नहीं
पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि सीएम के निर्देशों को देखते हुए मौसम ठीक होते ही सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चलाया जाए। पूरे प्रदेश में कोई सड़क नहीं छूटनी चाहिए। बजट की कोई कमी नहीं है। जरूरत पड़ी तो संसाधनों को बढ़ाया भी जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां सड़कों पर पानी का जमाव होता है, वहां पानी निकासी की व्यवस्था करें। सड़क बनाने वाली एजेंसी या ठेकेदार सड़क बनने के अगले 5 वर्ष तक उसके अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी उठाएगा।
इस बारे में नियम-शर्ते स्पष्ट रूप से उल्लिखित की जाएं। गांव को कस्बों और कस्बों को शहर से जोड़ने वाले मार्ग दुरुस्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं और राज्य मंत्री विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे और निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन भी कराएंगे। समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री बृजेश सिंह, प्रमुख सचिव अजय चौहान, विशेष सचिव प्रभुनाथ व केपी सिंह, प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष एके जैन, प्रमुख अभियंता, ग्रामीण सड़क वीके श्रीवास्तव उपस्थित रहे।