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यूपी: प्रदेश में 48 बिजली अभियंता हुए निलंबित, ओटीएस का लक्ष्य पूरा न कर पाने पर हुई कार्रवाई, आक्रोश

Sat, 28 Dec 2024 07:17 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 28 Dec 2024 07:17 PM IST
सार

Electrical Engineer suspended: यूपी के बिजली विभाग में ओटीएस योजना चल रही है। इस योजना के तहत लक्ष्य पूरा न कर पाने के आरोप में 48 बिजली अभियंता निलंबित हो चुके हैं। 

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UP: 48 electrical engineers suspended in the state, action taken for not meeting OTS target
यूपी में ओटीएस योजना। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रदेश में एकमुश्त समाधान योजना का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर निगमों में अभियंताओं के निलंबन की कार्रवाई शुरू हो गई है। तीन दिन में करीब 48 अभियंता निलंबित किए जा चुके हैं। करीब दो दर्जन से ज्यादा को चार्जशीट दी गई है। तीन दिन पहले एकमुश्त समाधान योजना की समीक्षा करते हुए पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने सभी निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिया था कि खराब प्रदर्शन वाले क्षेत्र के अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस आदेश को आधार बनाते हुए सभी निगमों के प्रबंध निदेशकों ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी।

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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का दावा है कि शनिवार शाम तक एक मुश्त समाधान योजना की आड़ में एक अधीक्षण अभियंता, 12 अधिशासी अभियंताओं, पांच सहायक अभियंता और 30 अवर अभियंता को निलंबित किया गया है। इस दौरान संविदा पर कार्यरत 129 लाइनमैन और 85 मीटर रीडरों को हटा दिया गया है। करीब दो दर्जनों से ज्यादा अभियंताओं और अवर अभियंताओं को चार्जशीट दी गई है।

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कल झांसी में होगी बिजली पंचायत

UP: 48 electrical engineers suspended in the state, action taken for not meeting OTS target
यूपी में बिजली व्यवस्था। - फोटो : अमर उजाला।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कार्पोरेशन एवं निगमों के प्रबंधन पर कार्मिकों के साथ टकराव का माहौल बनाने, जान बूझकर महाकुंभ से पहले बिजली व्यवस्था बेपटरी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निजीकरण के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन हो रहा है। एकमुश्त समाधान योजना का क्रियान्वयन भी चल रहा है। इसके बाद भी कार्पोरेशन प्रबंधन ने हर डिस्काम से अभियंताओं को निलंबित करना शुरू कर दिया है। यह ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति पैदा करने का साजिश है। अभियंताओं ने कहा कि रविवार को झांसी में होने वाले बिजली पंचायत में भी इस मुद्दे पर मंथन किया जाएगा और कार्पोरेशन के मंसूबे को पूरा नहीं होने दिया जाएगा।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी राजीव सिंह, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, गिरीश पांडेय, महेन्द्र राय, सुहैल आबिद, पीके दीक्षित, राजेंद्र घिल्डियाल, चंद्र भूषण उपाध्याय, आर वाई शुक्ला, छोटेलाल दीक्षित, देवेन्द्र पाण्डेय, आर बी सिंह, राम कृपाल यादव, मो वसीम आदि ने संयुक्त रूप से आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अन्य अभियंताओं पर उत्पीड़न की कार्यवाही प्रबंधन की बौखलाहट का नतीजा है। बिजली कर्मचारियों ने प्रदेश में सर्वाधिक बिजली की आपूर्ति 30618 मेगावॉट का कीर्तिमान बनाकर प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन किया।

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