एक महीने में 85 हजार लोगों की यूपी 100 ने की मदद
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एक महीने में यूपी-100 ने 85 हजार से अधिक लोगों की मदद की है। इनमें सड़क हादसे, घरेलू हिंसा, झगड़ा, आत्महत्या की कोशिश, हत्या, डकैती, चोरी, अपहरण, आग समेत संगीन अपराध के मामले भी शामिल हैं। खुद पुलिस विभाग के अफसरों का मानना है कि यूपी-100 से आमजन के लिए पुलिस की उपलब्धता बढ़ी है।
19 नवंबर को यूपी-100 से सूबे के 11 जिलों से यह सेवा शुरू हुई थी जबकि 15 दिसंबर से सूबे के 31 जिलों में यह योजना शुरू हो गई है।
ऐसे में 19 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच 85,683 मामलों में पुलिस की सहायता मिली है। इसमें मारपीट और झगड़े के 25636, सड़क हादसों के 8460, घरेलू हिंसा के 9181, आत्महत्या की कोशिश के 200, बच्चों के खोने के 347, जमीन विवाद के 2116, ट्रैफिक जाम की 5036, चोरी की 6437 मामलों में यूपी-100 संपर्क केंद्र ने लोगों की मदद की है।
सोशल मीडिया से मिली सूचनाओं पर भी की सहायता
इसके साथ ही सोशल मीडिया जैसे वाट्सएप, फेसबुक व ट्विटर जैसे माध्यमों से मिली 29 सूचनाओं पर भी पुलिस सहायता प्रदान की गई है।
यूपी -100 में अस्पताल या दुकानदारों द्वारा ज्यादा बिल लेने की सूचनाएं भी आ रही हैं। जानवर चोरी होने से लेकर किसी जंगली जानवर के मिलने की सूचना पर भी यूपी-100 ने मदद की है।
आईजी ट्रैफिक अनिल अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के उन सभी 31 जिले जहां यूपी-100 अपनी सेवा प्रदान कर रही है, वहां तत्काल सहायता पहुंचने से यूपी पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है।