UP: 14 करोड़ लोगों को मिलेगा मुफ्त इलाज
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केंद्र सरकार ने देशभर के गरीबों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत गरीबी रेखा के नीचे जी रहे (बीपीएल) परिवारों को इलाज मुहैया कराने वाली राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) के पूरे स्वरूप को ही बदला जा रहा है।
सरकार इसकी जगह नई बीमा योजना ‘यूविन’ शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसमें जांचों से लेकर दवाएं तक फ्री दिलाने की व्यवस्था होगी। नए वित्तीय वर्ष में इसे लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। इसमें निजी क्षेत्र के बजाय सरकारी अस्पतालों में इलाज उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
अनऑर्गेनाइज्ड वर्कर्स इंश्योरेंस (यूडब्लूआईएन-यूविन) में भी आरएसबीवाई की तर्ज पर एक कार्ड जारी किया जाएगा। इसमें मुखिया सहित पूरे परिवार की जानकारी दर्ज होगी। नई ‘यूविन’ योजना में आम आदमी बीमा योजना, इंदिरा गांधी ओल्ड एज पेंशन स्कीम जैसी केंद्र सरकार की 10 योजनाओं को समाहित किया जाएगा।
इससे एक ही कार्ड के जरिये इलाज से लेकर पेंशन तक की सुविधाएं गरीबों को मिल सकेंगी। अभी आरएसबीवाई कार्ड से बीपीएल मरीज साल में 30 हजार रुपये तक का इलाज करा सकता है।
आधार कार्ड से होगा लिंक
यूविन कार्ड से ही सभी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए इसे ‘आधार’ से लिंक किया जाएगा। इससे कार्डधारक देश में कहीं भी स्वास्थ्य सेवाएं ले सकेगा। इस कार्ड में इंश्योरेंस के बजाय एश्योरेंस पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। स्वास्थ्य सहित कई मंत्रालयों के मंत्री और अधिकारी इस योजना पर कार्य कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में अभी 45 लाख बीपीएल परिवारों के पास आरएसबीवाई कार्ड हैं और लगभग दो करोड़ लोग इस योजना का फायदा ले रहे हैं। यूपी की लगभग 70 फीसदी जनता गैरसंगठित कामगार है। ऐसे में यूविन से सूबे के लगभग 14 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
हाल ही केजीएमयू के दीक्षांत समारोह में आए गृहमंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने भी नेशनल हेल्थ एश्योरेंस मिशन (एनएएचएम) शुरू करने की जानकारी दी थी। उन्होंने इशारा किया था कि नए वित्तीय वर्ष में देश भर में मरीजों को सुनिश्चित फ्री इलाज की नई व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके अलावा यूनिवर्सल हेल्थ केयर एंड कवर की सुविधा देने की तैयारी की जा रही है।