उन्नाव कांड: 20 अफसरों की सीबीआई टीम गठित, घटनास्थल पर किया दृश्य रूपांतरण
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टीम ने पुलिस व सीबीआई की ओर से दुर्घटना स्थल से उठाए गए साक्ष्यों को परखा और दुर्घटना करने वाले ट्रक व पीड़ित पक्ष के वाहन की तकनीकी जांच की। सूत्रों के अनुसार फोरेंसिक टीम ने जांच से जुड़े कुछ नए तथ्य भी हासिल किए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद सीबीआई अधिकारियों ने मामले की जांच में सहयोग के लिए एसपी, एएसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टरों को शामिल करते हुए 20 सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चूंकि इस मामले से जुड़ी सभी एफआईआर सीबीआई दिल्ली को स्थानांतरित कर दी गई हैं, लिहाजा टीम ने दुराचार कांड के समय माखी थाने में तैनात रहे पुलिस कर्मियों से भी शुक्रवार को पूछताछ की। सीबीआई इन सभी से पहले भी पूछताछ कर चुकी है। बृहस्पतिवार को सीबीआई ने रायबरेली में हुए सड़क हादसे की शुरुआती जांच करने वाले विवेचक और क्षेत्राधिकारी को लखनऊ बुलाकर पूछताछ की थी।
फॉरेंसिक टीम भी पहुंची घटना स्थल पर
अदालत से ली वादी से पूछताछ की अनुमति
सीबीआई ने विशेष अदालत से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत पांच आरोपियों व वादी (पीड़िता के चाचा) से पूछताछ करने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने सीबीआई को वादी से पूछताछ की अनुमति दी है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई रेपकांड के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए माखी थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी अशोक सिंह भदौरिया व दरोगा कामता प्रसाद से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। सीबीआई इन दोनों से कुलदीप सेंगर व अन्य की तरफ से मामले की लीपापोती करने व पीड़ित पक्ष पर फर्जी मुकदमे दर्ज करने को लेकर बनाए गए दबाव के बारे में नए सिरे से पूछताछ करना चाहती है।
तत्कालीन एसपी से भी हो सकती है पूछताछ
सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि इस मामले में उन्नाव की तत्कालीन पुलिस अधीक्षक से भी पूछताछ की जा सकती है। सीबीआई उनसे यह समझना चाहती है कि घटना के बाद उनके सामने स्थानीय पुलिस की क्या भूमिका सामने आई।