उन्नाव केस: भाजपा MLA का भाई अतुल सेंगर गिरफ्तार, विधायक कुलदीप सिंह से हो सकती है पूछताछ
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डीजीपी ने कहा है कि यूपी पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं की है। जिन पांच पुलिसकर्मियों की हीलाहवाली मिली, उन्हें सस्पेंड किया जा चुका है। लखनऊ क्राइम ब्रांच मामले की गहनता से जांच कर रही है। जो भी दोषी सामने आएंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुल्दीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली युवती के पिता की सोमवार तड़के जेल में मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार ने विधायक और उसके भाई पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी पिटाई से ही पिता की मौत हुई है।
आरोप है कि विधायक और उनके भाई केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे। ऐसा न करने पर पीड़िता के पिता को 3 अप्रैल को जमकर पीटा था। पीड़ित परिवार ने ये भी आरोप लगाया था कि मारपीट करने वाले अतुल सिंह के खिलाफ शिकायत की गई तो पुलिस ने पिटने वाले पिता को ही जेल में डाल दिया था।
सीएम ने विधायक को किया था तलब
वहीं, इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि मामले की जल्द से जल्द जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
ये था मामला
विपक्ष हमलावर
वहीं, राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि 'बेटी बचाओ-खुद मारे जाओ'। उन्होंने ट्वीट में आगे लिखा, 'एक युवती भाजपा MLA पर बलात्कार का आरोप लगाती है| MLA को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस युवती के पिता को हिरासत में ले लेती है| उसके तुरंत बाद पुलिस कस्टडी में उनकी मृत्यु हो जाती है|वहीँ आरोपी भाजपा विधायक अभी भी खुले घूम रहे हैं|'
जरूरत पड़ी तो एसआईटी करेगी विधायक से पूछताछ
रेप पीड़िता के पिता की मौत पर मंगलवार को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने कहा कि पिड़ित के पिता की मौत पुलिस कस्टडी में नहीं हुई है। वह राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में मीडिया के सवालों के जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस मामले में बिना जांच के किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। साथ ही पुलिस हिरासत में हुई पीड़िता के पिता की मौत ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट करेंगे।
जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक कुल्दीप सिंह सेंगर को क्लीनचिट देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी किसी को क्लीनचिट नहीं दी गई है।
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी केस से जुड़े हर व्यक्ति से पूछताछ करेगी। उन्होंने बताया कि 11 जून 2017 को जो केस दर्ज किया गया है, उसमें विधायक का नाम नहीं दिया गया था। जबकि 22 अगस्त 2017 को पीड़ित परिवार द्वारा दी गई अप्लीकेशन में विधायक और अन्य के शामिल होने का आरोप लगाया गया है।