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BJP के सहयोगी दल ने आरक्षण पर उठाए सवाल: केन्द्रीय मंत्री ने CM को लिखा पत्र, विज्ञापन की जांच कराने की मांग

Sat, 20 May 2023 10:23 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 20 May 2023 10:23 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री ने कहा है ऐसा भी जानकारी में आया है कि जब कॉडर में खाली पदों की समीक्षा की जाती है तो जिनका चयन अनारक्षित पदों पर मेरिट के आधार पर होता है, उनकी गणना ओबीसी के पदों पर करने के कारण ज्यादा विसंगति पैदा हो रही हैं।

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Union minister wrote a letter to the CM
अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से मंगलवार को जारी ग्राम पंचायत अधिकारी के 1468 पदों पर भर्ती के विज्ञापन को लेकर विवाद छिड़ गया है। भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय वाणिज्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने इसमें ओबीसी/आरक्षित वर्ग के आरक्षण को लेकर सवाल उठाया है।सपा मुखिया अखिलेश यादव भी इस भर्ती में ओबीसी आरक्षण पर सवाल उठा चुके हैं।

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अनुप्रिया पटेल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि एनडीए सरकार ओबीसी के अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखकर प्रतियोगी परीक्षाओं व प्रवेश परीक्षाओं में पहली बार इस वर्ग को आरक्षण देने का निर्णय लिया था। केंद्रीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा, नीट इसके उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई विभागों में विभागीय संवर्ग में ओबीसी के अनुमन्य आरक्षित पदों से अधिक कर्मचारी होना बताया जा रहा है। सामान्य स्थिति में यह संभव ही नहीं है।


 
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केंद्रीय मंत्री ने कहा है ऐसा भी जानकारी में आया है कि जब कॉडर में खाली पदों की समीक्षा की जाती है तो जिनका चयन अनारक्षित पदों पर मेरिट के आधार पर होता है, उनकी गणना ओबीसी के पदों पर करने के कारण ज्यादा विसंगति पैदा हो रही हैं। उन्होंने सीएम से कहा है कि कुछ समय पहले चकबंदी लेखपाल के विज्ञापन में ओबीसी वर्ग के लिए कोई पद न होना प्रतियोगी छात्रों व अन्य के बीच चर्चा का विषय रहा। स्पष्ट निर्देश के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण एनडीए सरकार पर विरोधी लोग प्रश्न चिह्न लगाने का अवसर पाते हैं।


 
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अनुप्रिया ने सीएम से मांग की ग्राम पंचायत अधिकारी मुख्य परीक्षा के लिए संबंधित विभाग की ओर से भेजे गए अधियाचन की जांच कराकर ओबीसी के लिए आरक्षित पदों की फिर से संशोधित सूची जारी कराई जाए। बता दें कि आयोग की ओर से जारी 1468 पदों में से 849 अनारक्षित, 356 अनुसूचित जाति, 07 अनुसूचित जनजाति, 139 ओबीसी व 117 ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित की गई हैं।



 

इस तरह के विज्ञापन में पहले विभाग आरक्षण की गणना करता है। बाद में आयोग भी मिलान करता है। यदि कोई गलती होती है तो आयोग इस पर आपत्ति दर्ज कराता है। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। यदि कोई सवाल खड़ा किया जा रहा है तो इसे क्रॉस चेक करा लेंगे। प्रमोद कुमार उपाध्याय, निदेशक, पंचायती राज विभाग


 

कार्मिक अनुभाग के शासनादेश के अनुसार आयोग को भेजे जाने वाले विज्ञापन में रिक्तियों की गणना व आरक्षण की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। मेरी जानकारी में इसमें कोई कमी नहीं है। यूपी-उत्तराखंड के कॉडर विभाजन के कारण कुछ कनफ्यूजन हुआ है। प्रवीण कुमार, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग
 
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