हज सब्सिडी की तुलना मानसरोवर व कुंभ मेले के खर्च से करना 'कुतर्क': मुख्तार अब्बास नकवी
नकवी लखनऊ के विधान भवन के तिलक हाल में उत्तर क्षेत्र के नौ राज्यों के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों की समन्वय बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। वहीं, उन्होंने तीन तलाक के मसले पर अध्यादेश लाने की बात से इंकार किया और कहा कि मुझे उम्मीद है कि आगामी बजट सत्र में इस पर चर्चा होगी और सदन में ये विधेयक पारित कर दिया जाएगा।
नकवी ने कहा कि समाज के हर वर्ग को यह एहसास है कि मोदी सरकार बिना भेदभाव समावेशी विकास को समर्पित है।
मदरसों पर पीएम-सीएम, मेरी ही बात मानें...
वसीम रिजवी द्वारा मदरसों को आतकंवाद के अड्डे बताए जाने से जुड़े सवाल पर नकवी ने सधी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मदरसों के लिए प्रधानमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मैंने क्या कहा? पीएम ने, सीएम ने और मैंने जो कहा वही मानिए... और किसने क्या कहा छोड़िए।
नवोदय की तरह खुलेंगे 100 विद्यालय
नकवी ने अल्पसंख्यकों से जुड़ी योजनाओं के जरिए हासिल उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि पहली बार केंद्र सरकार ने गुरुकुल की तरह 27 आवासीय विद्यालय स्थापित किए। 15 डिग्री कालेज, 169 आईटीआई, 48 पालीटेक्निक कॉलेज 8064 हास्टल व 32 हजार से अधिक क्लास रूम बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में नवोदय विद्यालय की तरह 100 से ज्यादा विद्यालय खोलने की योजना है।
मुस्लिम बेटियों का ड्रॉप आउट सबसे ज्यादा, सशक्तिकरण प्राथमिकता में
मंत्री ने कहा कि बैठक में सार्थक चर्चा हुई है। यहां यह बात सामने आई कि मुस्लिम, क्रिश्चियन, सिक्ख, पारसी, जैन व अल्पसंख्यक समुदाय में सबसे ज्यादा ड्रॉप आउट मुस्लिम अल्पसंख्यकों से है। इसमें बेटियों का ड्रॉप-आउट 82 से 90 प्रतिशत तक है।
पिछली सरकार में निराशाजनक थी तस्वीर, नई सरकार ने किया अच्छा काम
नकवी, पिछली सपा सरकार पर निशाना साधने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि पिछली बैठकों में निराशाजनक स्थिति सामने आती थी। पहले की सरकारों में अल्पसंख्यकों की आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए कोई सोच ही नजर नहीं आती थी। यूपी की नई सरकार ने अच्छे काम किए हैं।