अविकसित कॉलोनियों के घरों को भी मिलेगा बिजली कनेक्शन, प्रमुख सचिव ऊर्जा ने दिए निर्देश
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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने नोएडा समेत प्रदेश के 17 नगर निगम क्षेत्रों के अविकसित कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन देने का रास्ता साफ कर दिया है। कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने विद्युतीकरण से वंचित ऐसी अविकसित कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को सुगम संयोजन योजना के तहत कनेक्शन देने का फैसला किया है।
योजना के तहत कम से कम 10 लोगों के चाहने पर 35 रुपये प्रति स्क्वायर फीट प्लाट एरिया के आधार पर या इस्टीमेट लागत के आधार पर कनेक्शन दिया जाएगा। सभी डिस्काम को ऐसी कॉलोनियों को चिह्नित करते हुए वहां के लोगों को कनेक्शन देने का निर्देश दिया गया है।
प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन आलोक कुमार ने बुधवार को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने शहरों में बांस बल्लियों के सहारे दौड़ रही बिजली लाइनों के लिए पोल लगाने के साथ इससे संबंधित कनेक्शनों को नियमित करने का भी निर्देश दिया है।
पूर्वांचल में विद्युत आपूर्ति की खराब स्थिति पर नाराजगी जताने के साथ ही चित्रकूट के अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही मऊ, बस्ती व बलिया में 12 घंटे से कम विद्युत आपूर्ति और ललितपुर के केंद्रीय विद्यालय में मात्र 4 घंटे विद्युत आपूर्ति करने पर जोनल चीफ एवं अधीक्षण अभियंता को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 32 प्रतिशत फीडर 12 घंटे ही आपूर्ति दे रहे हैं, जो ठीक नहीं। विद्युत आपूर्ति की शिकायतें मिलीं तो डिस्काम के निदेशक (तकनीक) को ही जिम्मेदार माना जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे और शहरों में 24 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का शिड्यूल
प्रमुख सचिव ने कहा कि 30-40 दिनों तक खराब ट्रांसफार्मर नहीं बदलने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे और शहरों में 24 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का शिड्यूल निर्धारित है।
उन्होंने कहा कि विभाग के टोल फ्री नंबर-1912 पर अब भी महीनों से खराब पड़े 13 ट्रांसफार्मरों को नहीं बदले जाने की शिकायतें मिली है।
उन्होंने जोनल चीफ को ऐसे लापरवाह लाइनमैन, जेई, व एसडीओ को चिह्नित कर कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजने का भी निर्देश दिया है। साथ ही मुख्य अभियंता को वर्कशाप का भी प्रतिमाह निरीक्षण कर खामियों पर एसडीओ को दंडित करने का निर्देश दिया है।
गोरखपुर, कानपुर नगर, बस्ती, मथुरा में अंडर ग्राउंड केबल के कार्य में गड़बड़ी की जांच का निर्देश देते हुए प्रमुख सचिव ने एसडीओ से लेकर मुख्य अभियंता तक पर कार्रवाई करने को कहा है।