अंडरग्राउंड मेट्रो से आपको हो सकती है परेशानी, जानिए कैसे...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेट्रो के अंडरग्राउंड ट्रैक का निर्माण टर्न की के आधार पर होगा। यानी एक ही कंपनी पूरा काम खत्म करेगी। इस ट्रैक का डिजाइन और निर्माण का जिम्मा इसी आधार पर एक कंपनी को दिया जाएगा। दो महीने के भीतर टेंडर जारी कर दिया जाएगा। जबकि दिसंबर तक भूमिगत मेट्रो रेल नेटवर्क का काम भी शुरू हो जाएगा। 2018 में इसे पूरा करना है।
लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रधान सलाहकार डॉ. ई. श्रीधरन बुधवार को राजधानी में थे। यहां उन्होंने मेट्रो रूट पर किए जा रहे निर्माण कार्यों को देखा। इसके साथ ही उन्होंने एलएमआरसी के अधिकारियों के साथ पिछले एक महीने में किये गए कामों की समीक्षा भी की।
इसके बाद वह मीडिया से रूबरू हुए। इसमें श्रीधरन ने बताया कि, नार्थ-साउथ कॉरिडोर में ट्रांसपोर्ट नगर से लेकर चारबाग तक कराए जा रहे कामों को लेकर कोई भी दिक्कत नहीं है। बहुत तेजी से काम चल रहा है।
3.50 किमी अंडरग्राउंड का काम ज्यादा मुश्किल
चारबाग से केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बीच अंडरग्राउंड सेक्शन होगा। इसकी दूरी करीब 3.50 किलोमीटर होगी। इस दूरी के बीच में तीन स्टेशन होंगे। ये स्टेशन सचिवालय, जीपीओ और हजरतगंज में एलआईसी बिल्डिंग के ठीक सामने होंगे।
इन तीन स्टेशनों का काम और अंडरग्राउंड ट्रैक का काम पिछले आठ किलोमीटर से कहीं अधिक जटिल होगा। इसका खासा असर यातायात पर पडे़गा। दिक्कत न हो, इसीलिए हम तेजी से काम करवाएंगे। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि लोगों को तकलीफ कम से कम हो। दिसंबर तक भूमिगत ट्रैक की डिजाइनिंग होने के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा। जबकि, 2018 तक काम खत्म होगा।
डॉ. ई. श्रीधरन ने कहा कि केंद्र सरकार से कोई भी गतिरोध नहीं है। केंद्र से पीआईबी स्वीकृति मिलने में सामान्यत: एक साल का समय लगता है। ऐसा ही यहां भी हो रहा है।
जल्द ही पीआईबी की मंजूरी मिल जाएगी। केंद्र सरकार से काफी सहयोग मिल रहा है। हाल ही में अधिकारियों ने दौरा किया है। इसके बाद में माना जा रहा है कि पीआईबी की फाइल और तेजी से चल पड़ी है।