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UP: अतीक की बेनामी संपत्तियों का सौदा करने लखनऊ आया था विजय मिश्र, होटल में शाइस्ता या जैनब के होने का शक
Mon, 31 Jul 2023 08:22 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 31 Jul 2023 08:22 AM IST
सार
उमेशपाल हत्याकांड में वांछित माफिया अतीक अहमद के वकील विजय मिश्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह अतीक के परिवार की महिला के साथ जमीन का सौदा करने लखनऊ आया था। होटल में किसी महिला के साथ होने की सटीक सूचना मिली थी। मुकदमों की पैरवी के लिए लखनऊ की एक जमीन बेचनी थी।
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Atiq Ahmed lawyer Vijay Mishra
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मौत के बाद बाकी परिवार मुकदमों की पैरवी और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पैसों की कमी से जूझ रहा है। इसी वजह से अतीक के परिवार की महिला सदस्य के साथ वकील विजय मिश्र किसी बेनामी जमीन का सौदा करने लखनऊ आया था।
इसकी पुख्ता सूचना मिलने पर प्रयागराज पुलिस ने एसटीएफ से संपर्क साधा, जिसके बाद विजय मिश्र को गोमतीनगर के विभूति खंड इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि इस दौरान अतीक के परिवार की महिला सदस्य फरार होने में कामयाब हो गई।
शनिवार रात विजय मिश्र की गिरफ्तारी के बाद प्रयागराज पुलिस उसे अपने साथ लेकर चली गई। प्रयागराज पुलिस के मुताबिक विजय मिश्र राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में वांछित चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक गुजरात की साबरमती जेल से जब अतीक उमेश पाल की हत्या की साजिश रच रहा था, तब विजय मिश्र लगातार उसके संपर्क में था।
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उसे इस साजिश की पूरी जानकारी थी। विजय मिश्र पर उमेश पाल की लोकेशन की जानकारी देने का भी आरोप है। बताते चलें कि उमेश पाल की हत्या के बाद विजय मिश्र लगातार विवादों में बना रहा। उसने अशरफ के एक गोपनीय पत्र के बारे में भी जानकारी दी थी, हालांकि यह कभी सामने नहीं आया। अधिकारियों के मुताबिक उमेश की हत्या के बाद भी अतीक ने फेसटाइम के जरिए विजय मिश्र से बात की थी।
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इसकी पुख्ता सूचना मिलने पर प्रयागराज पुलिस ने एसटीएफ से संपर्क साधा, जिसके बाद विजय मिश्र को गोमतीनगर के विभूति खंड इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि इस दौरान अतीक के परिवार की महिला सदस्य फरार होने में कामयाब हो गई।
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शनिवार रात विजय मिश्र की गिरफ्तारी के बाद प्रयागराज पुलिस उसे अपने साथ लेकर चली गई। प्रयागराज पुलिस के मुताबिक विजय मिश्र राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में वांछित चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक गुजरात की साबरमती जेल से जब अतीक उमेश पाल की हत्या की साजिश रच रहा था, तब विजय मिश्र लगातार उसके संपर्क में था।
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उसे इस साजिश की पूरी जानकारी थी। विजय मिश्र पर उमेश पाल की लोकेशन की जानकारी देने का भी आरोप है। बताते चलें कि उमेश पाल की हत्या के बाद विजय मिश्र लगातार विवादों में बना रहा। उसने अशरफ के एक गोपनीय पत्र के बारे में भी जानकारी दी थी, हालांकि यह कभी सामने नहीं आया। अधिकारियों के मुताबिक उमेश की हत्या के बाद भी अतीक ने फेसटाइम के जरिए विजय मिश्र से बात की थी।
शाइस्ता या जैनब के होने का शक
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गोमतीनगर के होटल में विजय मिश्रा जिस महिला से मिलने आया था, वह अतीक की पत्नी शाइस्ता या फिर अशरफ की पत्नी जैनब हो सकती है। ये दोनों अतीक की बहन आयशा नूरी और परिवार के बाकी सदस्यों के साथ बीते कई माह से फरार चल रही हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गोमतीनगर के होटल में विजय मिश्रा जिस महिला से मिलने आया था, वह अतीक की पत्नी शाइस्ता या फिर अशरफ की पत्नी जैनब हो सकती है। ये दोनों अतीक की बहन आयशा नूरी और परिवार के बाकी सदस्यों के साथ बीते कई माह से फरार चल रही हैं।
परिवार के अधिकतर सदस्यों पर मुकदमे दर्ज होने की वजह से उनको पैरवी के लिए पैसों की कमी आड़े आ रही है। इसी वजह से लखनऊ में अतीक की बेनामी संपत्तियों का सौदा करके पैसा जुटाने की आशंका जताई जा रही है।