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उमा के धरने में भाजपाईयों की उल्टी चाल
टीम डिजिटल/कानपुर
Updated Mon, 25 Nov 2013 12:18 PM IST
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उमा भारती का गंगा समग्र दूसरे चरण का अभियान भाजपा नेताओं की राजनीति का शिकार हो गया।
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उमा शुरू से इस कार्यक्रम को राजनीति से अलग बताती आ रही थीं।
जब धरने के खत्म होने का समय आया तो ‘टेनरी हटाओ और गंगा बचाओ’ के मुद्दे पर विधायकों ने टेनरियों की वकालत शुरू कर दी।
इससे उमा भारती की त्यौरी चढ़ गईं और अभियान से जुड़े पदाधिकारी चिल्ला उठे, बंद करो यह भाषण। धरने के दौरान जब उमा भारती ने अपना भाषण शुरू किया तो उन्होंने टेनरी हटाओ का बार-बार जिक्र किया।
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इस पर विधायक सलिल विश्नोई बोल पड़े कि टेनरी हटाने से काम नहीं चलेगा क्योंकि इससे डेढ़ लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
उमा ने स्पष्ट किया कि वे हटाने का मतलब उसे शिफ्ट करने की बात कह रही हैं। बात सभी के समझ में आती कि इसी बीच दूसरे विधायक रघुनंदन भदौरिया ने मंच संभाल लिया।
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उन्होंने भी टेनरी मालिकों और उसमें काम करने वालों की वकालत शुरू कर दी। रघुनंदन ने कहा कि जो भी ट्रीटमेंट प्लांट बने हैं, वे ठीक से काम नहीं करते हैं।
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इसमें टेनरियों का दोष नहीं है। यदि दोष है तो हमारे साथ चलिए अभी उसे बंद कराते हैं। इसी बीच समग्र गंगा अभियान के पदाधिकारी ब्रज किशोर चिल्ला पड़े, बंद करिए टेनरियों की वकालत करना।
यहां गंगा को बचाने की बात हो रही है। फिर दूसरी आवाज आई, इसे राजनीति का अखाड़ा मत बनाइए।
अंत में उमा ने रघुनंदन का कुर्ता खींचा और उन्हें चुप करा दिया। इसी पर धरना समाप्त हो गया। इसके बाद उमा भारती ने सभी को सर्किट हाउस बुलाकर एक-एक की क्लास ली।
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