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अल्टीमेटम : सरकारी जमीन से एक सप्ताह में हटाएं चर्च, कब्जा नहीं हटा तो चलेगा बुलडोजर, नोटिस चस्पा
Fri, 14 Aug 2026 11:04 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:04 AM IST
सार
चर्च का निर्माण नवीन परती में दर्ज जमीन के कुछ हिस्से पर किया गया है। इसे लेकर प्रशासन ने नोटिस चस्पा कर दिया है और अवैध कब्जे को हटाने की चेतावनी जारी की है।
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सरकारी जमीन पर बना चर्च।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मोहनलालगंज के नया खेड़ा भदुसेवा में सरकारी जमीन पर बनाए गए चर्च के बाहर बृहस्पतिवार को प्रशासन ने नोटिस चस्पा कर एक सप्ताह का अल्टीमेटम दे दिया। रायबरेली के इंद्रपुरी कॉलोनी निवासी जो जू मैथ्यूज के नाम पर नोटिस जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि तय समय में खुद कब्जा हटाकर सरकारी जमीन को खाली कर दें। ऐसा न होने पर रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ राजस्व विभाग अवैध चर्च पर बुलडोजर भी चलाएगा।
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पैमाइश में राजस्व अभिलेखों में दर्ज नवीन परती की जमीन पर आंशिक रूप से अतिक्रमण मिला है। तहसील प्रशासन ने डीएम को रिपोर्ट भेजी, जिसके बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नोटिस की प्रति भूमि प्रबंधक समिति को भेजी गई है।
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प्रशासन ने संबंधित पक्ष से जमीन के संबंध में अभिलेख और अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए भी कहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भदेसुवा गांव निवासी राजेश कुमार ने वर्ष 2008 में उक्त जमीन की बिक्री चर्च से संबंधित संस्था के पक्ष में की थी। इसके बाद वर्ष 2011 में जमीन पर चर्च का निर्माण कराया गया।
55 लोगों के धर्मांतरण की बात आई सामने
प्रशासन की ओर से कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद स्थानीय लोग धर्मांतरण गिरोह के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस की पूछताछ में खुलकर पक्ष रखा है। यह भी कहा कि गिरोह पहले लोगों के बीच प्रभाव बनाता था। बाद में उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जाता था।
ग्रामीणों ने दावा किया कि गांव में अब तक 55 लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। प्रशासन की कार्यवाही के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस पता लगा रही है कि चर्च में हर रविवार को बाहर से आने वाले लोग कौन थे।