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UGC चेयरमैन बोले, मुझे नहीं आती थी अंग्रेजी

Fri, 25 Jul 2014 04:04 PM IST
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 25 Jul 2014 04:04 PM IST
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ugc chairman ved prakash visits BBAU lucknow campus

यूजीसी के चेयरमैन प्रो. वेद प्रकाश को अंग्रेजी न बोल पाने की वजह से कभी गांव लौट जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और यही वजह है कि आज वह इस मुकाम पर हैं।

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प्रो.वेद प्रकाश गुरुवार को लखनऊ स्थित डॉ. बाबा साहब भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी में गर्ल्स हॉस्टल के शिलान्यास कार्यक्रम में आए थे। प्रो. वेद प्रकाश स्टूडेंट्स को संबोधित करते समय अपने छात्र जीवन की याद में डूब गए।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्रथम श्रेणी में एमएससी केमेस्ट्री की पढ़ाई पूरी की थी लेकिन अंग्रेजी बिल्कुल भी नहीं आती थी।

ऐसे में आईआईटी दिल्ली की लाइब्रेरी में जाकर अंग्रेजी की किताबें पढ़ने की सलाह दी गई।

जब वहां गए तो दोस्तों ने सलाह दी कि अगर अंग्रेजी नहीं आती है तो गांव लौट जाओ। उन्होंने अंग्रेजी के उपन्यास पढ़ने की सलाह दी।

नॉवेल पढ़कर सीखी इंग्लिश

ugc chairman ved prakash visits BBAU lucknow campus

प्रो. प्रकाश ने कहा कि वे गांव से थे तो पहले लगा कि उपन्यास जीवन बर्बाद कर देते हैं, तो वे डर गए।

इसके बाद दोस्तों के कहने पर अंग्रेजी उपन्यास पढ़ना शुरू किया और फिर इंग्लिश का हौव्वा दिमाग से उतर गया। अंग्रेजी का महत्व स्टूडेंट्स को समझना होगा।

लैंग्वेज बहुत बड़ी लीथल वेपन होती है। अगर आप अंग्रेजी में बोलते हैं तो उसकी अच्छी नॉलेज होनी चाहिए अगर आप हिंदी में बोलते हैं तो उसकी अच्छी नॉलेज होनी चाहिए।

'शिक्षक बनें अनुशासित सिपाही'

ugc chairman ved prakash visits BBAU lucknow campus

प्रो.वेद प्रकाश ने कहा कि आज शिक्षा का व्यवसायीकरण रोकने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है। टीचर्स क्लासरूम में ऐसी टीचिंग कराएं कि अच्छे स्टूडेंट्स की संख्या बढ़े।

शिक्षकों को चाहिए कि वे खुद को अपडेट रखें। अपने सब्जेक्ट की नॉलेज बढ़ाएं।

उन्होंने शिक्षकों को अनुशासित सिपाही की तरह काम करने की सलाह भी दी। कहा, आप अगर टीचर बनना चाहते हैं तो अच्छे लर्नर बनिए।

उन्होंने कहा कि टीचर्स की पहचान उनके रिसर्च से होती है। उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि आप भाग्यशाली हैं कि जिस समय आप पैदा हुए उच्च शिक्षा का काफी विकास हो चुका था।

अब आपको चाहिए कि लाइब्रेरी में जाएं और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू व नेपोलियन आदि की जीवनी पढ़ें और सीखें कि आप किस तरह सफल व्यक्ति बन सकते हैं।

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