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15 फीसदी सवर्णों के लिए 50 फीसदी सीटें क्यों?
लखनऊ/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 09 Aug 2013 11:39 AM IST
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अनुसूचित जाति-जनजाति संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज ने कहा कि सरकारी नौकरी में प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में भी एससी-एसटी और पिछड़ों को आरक्षण दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि 15 फीसदी सवर्णों को 50 फीसदी सीटें देना गलत है। उदित राज ने गुरुवार को यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि आरक्षण अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ों को दिया गया है, लेकिन यूपी में सरकार सवर्णों को आरक्षित श्रेणी में रखती है।
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इसके अनुसार सरकारी नौकरियों में उनके लिए 50 फीसदी आरक्षण हो जाता है। प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण न होने के कारण एससी-एसटी और पिछड़े वर्ग के प्रतियोगी दौड़ से बाहर हो जाते हैं।
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भले ही आरक्षण का प्रावधान बाद में हो। आंकड़ों के मुताबिक 2011 में 149 सचिवों में से एससी वर्ग से कोई सचिव नहीं था जबकि चार एसटी सचिव थे।
सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जब आरक्षण समर्थक लखनऊ में आंदोलन कर रहे थे, तो उन पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया गया।