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Lucknow News: बीबीएयू में पीएचडी शोधार्थियों के लिए दो साल का कोर्स वर्क
Fri, 08 Nov 2024 02:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 08 Nov 2024 02:52 AM IST
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लखनऊ। कृषि क्षेत्र में शोध करने वाले विद्यार्थियों के लिए कोर्स वर्क में बड़ा बदलाव आने वाला है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में हॉर्टिकल्चर (बागवानी) विभाग में पीएचडी शोधार्थियों को अब दो साल का कोर्स वर्क करना होगा। अभी तक इन्हें माह (एक सेमेस्टर) का ही कोर्स वर्क करना होता था। ब्राड सबजेक्ट मैटर एरिया (बीएसएमए) की गाइडलाइन प्रभावी होने के बाद विवि में भी इसे अनिवार्य कर दिया गया है। कुलसचिव ने इस सबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है।
बीबीएयू में हार्टिकल्चर विभाग में अंतर्गत फल विज्ञान एवं सब्जी विज्ञान में शोध कार्य कराया जा रहा है। जबकि कृषि शिक्षा में यहां केवल एमएससी बागवानी की ही पढ़ाई हो रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को चार सेमेस्टर का कोर्स करना व्यावहारिक समस्या थी। कोर्स वर्क में छात्रों को समस्या न आए और बीएसएमए की गाइडलाइन का पालन भी हो सके, इसके लिए दो साल का कोर्स वर्क शुरू किया जाना है। इसके तहत शोधार्थी क्रेडिट बेस्ड च्वॉइस सिस्टम (सीबीसीएस) के आधार पर अन्य विभागों में कृषि शिक्षा के सहयोगी विषयों का चुनाव करके अपना शोध कार्य पूरा कर सकेंगे।
इसलिए किया गया दो वर्ष का कोर्स वर्क
बीबीएयू में हार्टिकल्चर विभाग में शिक्षक और प्रॉक्टर प्रो. संजय कुमार ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने कृषि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए ब्राड सबजेक्ट मैटर एरिया (बीएसएमए) यानी व्यापक विषय वस्तु क्षेत्र का गठन किया है। बीएसएमए की सिफारिशों के आधार पर ही देशभर में हार्टिकल्चर के शोधार्थियों को दो साल का कोर्स वर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बिना उनका शोध कार्य अपूर्ण माना जाएगा।
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बीबीएयू में हार्टिकल्चर विभाग में अंतर्गत फल विज्ञान एवं सब्जी विज्ञान में शोध कार्य कराया जा रहा है। जबकि कृषि शिक्षा में यहां केवल एमएससी बागवानी की ही पढ़ाई हो रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को चार सेमेस्टर का कोर्स करना व्यावहारिक समस्या थी। कोर्स वर्क में छात्रों को समस्या न आए और बीएसएमए की गाइडलाइन का पालन भी हो सके, इसके लिए दो साल का कोर्स वर्क शुरू किया जाना है। इसके तहत शोधार्थी क्रेडिट बेस्ड च्वॉइस सिस्टम (सीबीसीएस) के आधार पर अन्य विभागों में कृषि शिक्षा के सहयोगी विषयों का चुनाव करके अपना शोध कार्य पूरा कर सकेंगे।
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इसलिए किया गया दो वर्ष का कोर्स वर्क
बीबीएयू में हार्टिकल्चर विभाग में शिक्षक और प्रॉक्टर प्रो. संजय कुमार ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने कृषि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए ब्राड सबजेक्ट मैटर एरिया (बीएसएमए) यानी व्यापक विषय वस्तु क्षेत्र का गठन किया है। बीएसएमए की सिफारिशों के आधार पर ही देशभर में हार्टिकल्चर के शोधार्थियों को दो साल का कोर्स वर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बिना उनका शोध कार्य अपूर्ण माना जाएगा।
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