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प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से रेल टिकट बनाने वाले दो दलाल चढ़े आरपीएफ क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े

Sun, 27 Sep 2020 01:51 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2020 01:51 AM IST
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Two ticket brocker arrested
प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से रेल टिकट बनाने वाले दो दलाल चढ़े आरपीएफ क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े
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राजधानी में प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से रेल टिकट बनाने का धंधा फल-फूल रहा है। ऐसे ही सॉफ्टवेयर तत्काल प्रो और तत्काल प्लस से टिकट बनाने वाले दो दलाल शनिवार सुबह आरपीएफ क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े।
इनसे 20 हजार रुपये से अधिक कीमत के तत्काल टिकट बरामद हुए। आरपीएफ रेल ब्रांच इंस्पेक्टर यशवंत सिंह ने बताया कि मटियारी चौराहा स्थित एचपी बॉयज हॉस्टल में छापा मारकर टिकट दलालों को पकड़ा।
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इनमें शुभम कुमार से आगे की यात्रा का एक और इस्तेमाल हो चुके छह तत्काल टिकट मिले, जिनकी कीमत 8,233 रुपये है। पांच पर्सनल यूजर आईडी, लैपटॉप, मोबाइल भी बरामद किया गया।
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इसी हॉस्टल से अनुराग सिंह को गिरफ्तार किया गया। उससे दो तत्काल टिकट और नौ इस्तेमाल हो चुके तत्काल टिकट मिले, जिनकी कीमत 13,127 रुपये है। दोनों प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे।
ऐसे बनाते थे टिकट
टिकट दलालों ने बताया कि प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर तत्काल प्लस और तत्काल प्रो का विज्ञापन उन्होंने यूट्यूब पर देखा। इसके बाद उन्हें मोबाइल नंबर 7349517758 मिला। इस पर व्हाट्सएप चैट करने के बाद उन्हें पासवर्ड मिल गया। फिर गूगल क्रोम से उन्होंने सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर उन्हें एक्टिवेट कर लिया। इसके बाद 30 रुपये रोजाना की दर से महीने भर का किराया उनसे ले लिया गया। शातिर एक दिन में करीब 20 टिकट तक बना लेते थे।
कैप्चा बाईपास कर बना देता है टिकट
इंस्पेक्टर यशवंत सिंह ने बताया कि तत्काल प्लस और तत्काल प्रो सॉफ्टवेयर में यात्रियों के नाम, उम्र, लिंग आदि जानकारी अपने आप भर जाती है। इतना ही नहीं यह कैप्चा बाईपास कर देता है और जैसे ही तत्काल का समय होता है, महज एक से दो सेकंड में टिकट बनकर तैयार हो जाता है। इसके बदले यात्री से मनमानी रकम वसूली जाती है।

320 से ज्यादा मामले उजागर
पुष्पक एक्सप्रेस व कुशीनगर दलालों की पसंदीदा ट्रेनों में शुमार हैं। एक महीने में 320 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, फिर भी टिकटों की दलाली नहीं रुक रही है। इसके पीछे आरपीएफ, रेलवे प्रशासन की लापरवाही प्रमुख है।
इन तरीकों का भी करते हैं इस्तेमाल
- तत्काल टिकटों में प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से सेंधमारी कर एक मिनट में 20 तक टिकट बुक कर लिए जाते हैं।
- सीनियर सिटीजन कोटे में टिकट बुक करवाकर उस पर दूसरे यात्रियों को सफर करवाकर मोटी कमाई करते हैं।
- मुंबई में आरक्षण केंद्र पर टिकट करवा कर व्हाट्सएप से उसे भेजकर लखनऊ में यात्रियों को सफर कराते हैं।
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