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परिवहन निगम में 24 हजार लीटर डीजल की हेराफेरी में हुई कार्रवाई, दो निलंबित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 05 Jul 2018 05:29 PM IST
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उत्तर प्रदेश परिवहन निगम
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने मुरादाबाद परिक्षेत्र के दो डिपो में 24 हजार लीटर डीजल की हेराफेरी की पोल खुली है। वहीं 12 हजार लीटर डीजल की डिलीवरी में लापरवाही पाई गई।
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इस मामले में सीनियर स्टेशन इंचार्ज (एसएसआई) को निलंबित कर दिया गया है। परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक (कार्मिक) साद सईद ने बृहस्पतिवार को बताया कि मुरादाबाद परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा की जांच रिपोर्ट पर एसएसआई शैलेंद्र बंसल पीतल नगरी डिपो, कपिल मुरादाबाद डिपो को चार जुलाई को निलंबित कर आदेश जारी कर दिए हैं।
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उन्होंने बताया कि एसएसआई ने इंडियन आयल कारपोरेशन को एसएमएस से भेजकर डीजल टैंक तो मंगवाया ,लेकिन उसकी डिलीवरी परिवहन निगम के टैंक में होने के बजाय कहीं और करा दी गई।
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इस डीजल की कीमत करीब 14 लाख रुपये थी। उन्होंने बताया कि मई 2018 में जब इंडियन आयल कारपोरेशन ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के द्वारा डीजल की डिलीवरी का विवरण भेजा, जिसका क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा ने इंडेंट के जरिये मिलान किया तो दो टैंक डीजल के इंडेंट गायब पाए गये। जिसकी विस्तृत जांच कराने पर घोटाला की पोल खुली।
ऐसे लगाया 14 लाख का चूना
क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा ने बताया कि एसएसआई शैलेंद्र बंसल, कपिल के द्वारा इंडेंट भेजकर सितंबर 2017 एवं मार्च 2018 में मंगाए गये डीजल टैंक को रिसीव किया। लेकिन डीजल की डिलीवरी टैंक में नहीं कराई गई।
इस डीजल को किसी पेट्रोल पंप मालिक को भेज दिया गया। इसके बाद डिलीवरी के इंडेंट को भी सरकारी रिकार्ड से गायब कर दिया। उन्होंने बताया कि इन्हीं एसएसआई के द्वारा 12 हजार लीटर डीजल की डिलीवरी में भी लापरवाही बरती गई थी।
इस डीजल को किसी पेट्रोल पंप मालिक को भेज दिया गया। इसके बाद डिलीवरी के इंडेंट को भी सरकारी रिकार्ड से गायब कर दिया। उन्होंने बताया कि इन्हीं एसएसआई के द्वारा 12 हजार लीटर डीजल की डिलीवरी में भी लापरवाही बरती गई थी।