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दो सिपाहियों ने खुद को एसटीएफ से बताकर बीडीसी से वसूले 40 हजार, सस्पेंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 11 Nov 2018 04:51 PM IST
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UP Police
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मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र स्थित रुदौली गांव के बीडीसी को स्मैक तस्करी के आरोप में जेल भेजने की धमकी देकर 40 हजार की वसूली करना दो सिपाहियों व एक चौकीदार को भारी पड़ गया। शनिवार को तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर एसपी ने रविवार को दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया। वहीं चौकीदार की सेवा समाप्त करने की संस्तुति की है।
मुसाफिरखाना थाने के गांव रुदौली निवासी पारसनाथ मौर्य गांव के वार्ड क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। पिछले बुधवार की शाम चौकीदार शिव बहादुर यादव के साथ पुलिस की वर्दी में पहुंचे दो लोग खुद को एसटीएफ का सिपाही बताते हुए पारसनाथ को निर्माणाधीन फोरलेन सड़क पर ले गए। वहां तीनों ने बीडीसी के साथ मारपीट करते हुए उसे स्मैक बेचने के फर्जी मामले में जेल भेजने की धमकी देते हुए 50 हजार रुपए की मांग की।
बीडीसी ने किसी तरह 40 हजार रुपए देकर छुटकारा पाया। बाद में यह मामला एक अन्य बीडीसी के माध्यम से कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह के पास पहुंचा। दीपक सिंह ने इस मामले की शिकायत एसपी से की। एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए शनिवार को चौकीदार शिवबहादुर व दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराने के बाद सीओ सूक्ष्म प्रकाश को मामले की जांच सौंपी।
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सीओ ने जांच में पाया कि स्वयं को एसटीएफ का सिपाही बताने वाले दोनों थाने में तैनात सुभाष यादव व राम तिलक वर्मा हैं। सीओ की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी अनुराग आर्य ने रविवार को दोनों सिपाहियों को सस्पेंड करते हुए डीएम को पत्र भेजकर चौकीदार की सेवा समाप्त करने की संस्तुति की है। एसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप है।
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मुसाफिरखाना थाने के गांव रुदौली निवासी पारसनाथ मौर्य गांव के वार्ड क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। पिछले बुधवार की शाम चौकीदार शिव बहादुर यादव के साथ पुलिस की वर्दी में पहुंचे दो लोग खुद को एसटीएफ का सिपाही बताते हुए पारसनाथ को निर्माणाधीन फोरलेन सड़क पर ले गए। वहां तीनों ने बीडीसी के साथ मारपीट करते हुए उसे स्मैक बेचने के फर्जी मामले में जेल भेजने की धमकी देते हुए 50 हजार रुपए की मांग की।
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बीडीसी ने किसी तरह 40 हजार रुपए देकर छुटकारा पाया। बाद में यह मामला एक अन्य बीडीसी के माध्यम से कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह के पास पहुंचा। दीपक सिंह ने इस मामले की शिकायत एसपी से की। एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए शनिवार को चौकीदार शिवबहादुर व दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराने के बाद सीओ सूक्ष्म प्रकाश को मामले की जांच सौंपी।
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सीओ ने जांच में पाया कि स्वयं को एसटीएफ का सिपाही बताने वाले दोनों थाने में तैनात सुभाष यादव व राम तिलक वर्मा हैं। सीओ की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी अनुराग आर्य ने रविवार को दोनों सिपाहियों को सस्पेंड करते हुए डीएम को पत्र भेजकर चौकीदार की सेवा समाप्त करने की संस्तुति की है। एसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप है।
तीनों जाएंगे जेल
एसपी ने कहा कि किसी को फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देकर वसूली करना गंभीर मामला है। दोनों सिपाही व चौकीदार प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। जल्द ही तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
नशे में धुत मिला सिपाही, सस्पेंड
एसपी ने बताया कि जगदीशपुर थाना क्षेत्र में एक पीआरबी वाहन पर चलने वाले सिपाही रजनीश मिश्र के हमेशा नशे में धुत रहने की शिकायत मिल रही थी। उनके निर्देश पर शनिवार को एसएचओ रमाकांत प्रजापति ने पीआरबी वाहन को चेक किया तो शिकायत सही मिली। एसएचओ ने सिपाही का मेडिकल परीक्षण कराया। एसपी ने कहा कि सिपाही को सस्पेंड करते हुए सीओ मुसाफिरखाना को जांच दी गई है।