सवा किलो सोना समेत हत्थे चढ़े दो डकैत, पांच की तलाश जारी
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लखनऊ के चौक सराफा बाजार में मुकुंद ज्वैलर्स के मालिक पिता-पुत्र को घायल करके 40 किलो सोना समेत 13.5 करोड़ का डाका डालने वाले दो बदमाशों को लखनऊ व रायबरेली पुलिस की संयुक्त टीम ने पकड़ लिया है। हालांकि इनके कब्जे से महज सवा किलो सोने के गहने बरामद हुए हैं। फरार पांच बदमाशों की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं।
पुलिस के मुताबिक, मुकुंद ज्वैलर्स के मालिक प्रवीण कुमार रस्तोगी व उनके बेटे जितांशु उर्फ लालन को घायल करके 1.15 करोड़ की नगदी और 40 किलो सोने के गहने बैग-बोरे में भरकर फरार डकैतों में तीन को सीसीटीवी फुटेज से चिह्नित किया गया था।
चौक पुलिस, क्राइम ब्रांच व रायबरेली के लालगंज थाने की टीम ने घेराबंदी करके देवगांव के मजरा पूरे महराजिन निवासी राज बहादुर लोध और ऐहार गांव के मजरा पूरे तिवारी निवासी शेरा पासी को पकड़ा।
खुलासा हुआ कि सुल्तानपुर से जिलाबदर अपराधी अभय सिंह कई दिन से शेरा के घर रह रहा था। जो मौके से फरार हो गया। टीम ने राजबहादुर लोध, अभय सिंह की कथित पत्नी व शेरा को हिरासत में लेने के साथ गांव उमरामऊ में दबिश देकर हरविलास सिंह को हिरासत में लिया।
संभावित ठिकानों की शुरू की छापेमारी
राजबहादुर व हरविलास की निशानदेही पर करीब सवा किलो सोना बरामद हुआ। राजबहादुर व हरविलास ने कड़ाई से पूछताछ में अभय सिंह, रोहित दीक्षित, अंशु समेत पांच साथियों के नाम उगले। आला अफसरों ने पुलिस-क्राइम ब्रांच की पांच टीमें गठित करके बदमाशों के संभावित ठिकानों पर छापामारी शुरू कराई।
आईजी जोन ए. सतीश गणेश ने बताया कि हिरासत में लिए गए दो संदिग्धों ने डकैतों के नाम-पते कुबूले हैं। वारदात अंजाम देने वाले बदमाश लखनऊ व आसपास के जिलों के थे।
फरार बदमाशों के फोटो का सीसीटीवी फुटेज का मिलान करके उनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। जल्द ही डकैतों के हत्थे चढ़ने की संभावना है।
एसपी रायबरेली अब्दुल हमीद बुधवार रात तक डकैतों के पकड़े जाने व सोना बरामदगी की जानकारी से इन्कार करते रहे। एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि डकैतों को चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही उन्हें माल समेत पकड़ लिया जाएगा।
सीओ चौक को लुटे माल की सूची सौंपने का आदेश
मुकुंद ज्वैलर्स के मालिक प्रवीण कुमार रस्तोगी व उनके कर्मचारियों ने रविवार रात वारदात के बाद 1.15 करोड़ की नगदी व 40 किलो सोना लुटने की बात कही थी लेकिन दर्ज कराई डकैती की रिपोर्ट में नगदी व सोने की कीमत का जिक्र नहीं किया।
स्टॉक मिलान के बाद सूची सौंपने की बात कही थी। डकैतों का सुराग लगने पर अफसरों ने उनसे संपर्क किया। आईजी जोन ऍ सतीश गणेश ने बताया कि लुटे माल का ब्यौरा उपलब्ध न कराने से तफ्तीश प्रभावित हो रही है। सीओ चौक को प्रवीण से जल्द ही सूची लेने के आदेश दिए गए हैं।
फुटेज देने में भी टालमटोल
मुकुंद ज्वैलर्स में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज बदमाशों को चिह्नित करने का ठोस आधार हैं। अफसरों का मानना है कि बदमाशों ने वारदात से पहले दुकान पर जाकर रेकी की। इस दौरान उन्होंने चेहरा नहीं ढंका होगा। ऐसे में प्रवीण रस्तोगी से दुकान में लगे सभी कैमरों के सीसीटीवी फुटेज की एक हफ्ते की रिकॉर्डिंग मांगी गई।
उन्होंने एक घंटे की रिकार्डिंग सौंपी थी और अब दुकान के सिर्फ दो कैमरों के तीन दिन के फुटेज सौंपने को राजी हुए हैं। आईजी जोन के आदेश पर सीओ चौक ने प्रवीण को तसल्ली दी कि फुटेज का इस्तेमाल सिर्फ बदमाशों को चिह्नित करने के लिए किया जाएगा।