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LU: हाईकोर्ट ने एलयू पर ठोका दो लाख हर्जाना, छात्रा का रिजल्ट घोषित करने में लापरवाही का मामला
Thu, 25 Jul 2024 09:57 AM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 25 Jul 2024 09:57 AM IST
सार
कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय ने छात्रा के प्रति अड़ियल और उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया और छात्रा के कॅरिअर को बर्बाद करने का जिम्मेदार है।
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- फोटो : Lucknow University वेबसाइट से
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विस्तार
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने स्नातक छात्रा का रिजल्ट घोषित करने में लखनऊ विश्वविद्यालय की लापरवाही पर सख्त रुख दिखाया है। अदालत ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर दो लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि दो माह में विश्वविद्यालय से रकम की वसूली कर छात्रा को बतौर मुआवजा अदा की जाएगी।
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न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल पीठ ने यह फैसला वर्ष 2009 में बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा रहीं प्रियंका दुबे की याचिका को मंजूर करके दिया। कुछ आरोपों को लेकर छात्रा का रिजल्ट रोक दिया गया। प्रियंका का कहना था कि उनके सफाई देने पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने काफी समय तक कोई आदेश पारित नहीं किया।
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बीएससी तृतीय वर्ष की परीक्षा रद्द कर उनको 2014-15 की परीक्षा में शामिल होने का 15 नवंबर 2014 को आदेश दिया। इसके पहले ऐसा ही आदेश वर्ष 2012 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिया था, लेकिन उनको जानकारी ही नहीं दी गई। क्षुब्ध होकर छात्रा ने 2015 में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट की शरण ली।
कोर्ट ने कहा कि यह मामला साफ तौर पर बताता है कि विश्वविद्यालय ने छात्रा के प्रति अड़ियल और उपेक्षापूर्ण रुख दिखाया। बगैर किसी ठोस साक्ष्य के छात्रा के कॅरिअर को बर्बाद करने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय जिम्मेदार है।