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लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार से दो बच्चों की मौत, लापरवाही का आरोप
Mon, 01 Jul 2019 07:42 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 01 Jul 2019 07:42 PM IST
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राम मनोहर लोहिया अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार सुबह बुखार से ग्रसित दो बच्चों की मौत हो गई। तीमारदारों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। तीमारदारों का कहना था डॉक्टर व स्टॉफ से बच्चें की हालत गंभीर होने पर रेफर करने के लिए कहा गया मगर सुनवाई न हुई।
आरोप है भर्ती बाद कोई भी डॉक्टर बच्चों को देखने नहीं आया। नर्से बच्चों का उपचार करती रही। इससे बच्चों की हालत गंभीर हो गई। दोनों बच्चों की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
इंद्रानगर तकरोही के रहने वाले सैफुद्दीन की बेटी अलीशा (3) को तेज बुखार आ रहा था। रविवार रात करीब पौने एक बजे तीमारदार बच्ची को लेकर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। इमरजेंसी में डॉ. अरुण गुप्ता ने बच्ची को देखा था। इमरजेंसी बेड नंबर पांच पर शिफ्ट कराया। डॉक्टर का कहना था कि बच्ची बेहोशी की हालत में आई थी, उसकी हालत काफी नाजुक थी।
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आरोप है भर्ती बाद कोई भी डॉक्टर बच्चों को देखने नहीं आया। नर्से बच्चों का उपचार करती रही। इससे बच्चों की हालत गंभीर हो गई। दोनों बच्चों की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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इंद्रानगर तकरोही के रहने वाले सैफुद्दीन की बेटी अलीशा (3) को तेज बुखार आ रहा था। रविवार रात करीब पौने एक बजे तीमारदार बच्ची को लेकर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। इमरजेंसी में डॉ. अरुण गुप्ता ने बच्ची को देखा था। इमरजेंसी बेड नंबर पांच पर शिफ्ट कराया। डॉक्टर का कहना था कि बच्ची बेहोशी की हालत में आई थी, उसकी हालत काफी नाजुक थी।
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सोमवार सुबह करीब आठ बजे बच्ची की सांसे उखड़ने लगी। डॉक्टर बच्ची का इलाज शुरू करते तब तक उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत से गुस्साएं तीमारदारों ने डॉक्टर -स्टॉफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
पिता का आरोप है कि कोई भी डॉक्टर भर्ती बाद बच्ची को देखने नहीं आया। स्टॉफ नर्स बच्ची का इलाज करती रही। इससे उसकी हालत और भी बिगड़ गई। बच्ची को रेफर करने के लिए कई बार कहा मगर सुनवाई न हुई। इमरजेंसी में सुबह हंगामा बढ़ता देख अफसर मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
बच्ची के मामा अफरोज अंसारी ने इलाज में कोताही व रेफर न किए जाने का आरोप लगाते लिखित शिकायत निदेशक से की है। निदेशक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। जिसके बाद आग की कार्रवाई की जाएगी।
पिता का आरोप है कि कोई भी डॉक्टर भर्ती बाद बच्ची को देखने नहीं आया। स्टॉफ नर्स बच्ची का इलाज करती रही। इससे उसकी हालत और भी बिगड़ गई। बच्ची को रेफर करने के लिए कई बार कहा मगर सुनवाई न हुई। इमरजेंसी में सुबह हंगामा बढ़ता देख अफसर मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
बच्ची के मामा अफरोज अंसारी ने इलाज में कोताही व रेफर न किए जाने का आरोप लगाते लिखित शिकायत निदेशक से की है। निदेशक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। जिसके बाद आग की कार्रवाई की जाएगी।
बुखार-उल्टी व दस्त से ग्रसित था बच्चा
चिनहट मल्हौर के रहने वाले संजय का बेटा आनंद (5) बुखार-उल्टी दस्त होने पर रविवार रात लोहिया की इमरजेंसी में लाए थे। डॉक्टरों ने बच्चे के हालत गंभीर देख उसे भर्ती कर लिया। कुछ ही देर बाद उसे इमरजेंसी वार्ड में बेड नंबर 2 में शिफ्ट कराया गया।
पिता का आरोप है कि इलाज में कोताही बरती गई। इससे बच्चें की हालत और भी बिगड़ती चली गई। सोमवार सुबह करीब साढे़ सात बच्चे आनंद की मौत हो गई। नाराज तीमारदार लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी वार्ड में हंगामा करने लगे।
पिता का कहना है कि अगर सही समय पर बच्चें को इलाज मिल जाता तो बच्चा जिंदा होता। वहीं गार्डो ने दूसरे मरीजों का इलाज प्रभावित होने की बात कहकर उन्हें बाहर किया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मरीज की केस हिस्ट्री मंगाकर देखा। पिता को मरीज की पूरी स्थिति बताया। जिसके बाद तीमारदार शव लेकर वापस चले गए।
पिता का आरोप है कि इलाज में कोताही बरती गई। इससे बच्चें की हालत और भी बिगड़ती चली गई। सोमवार सुबह करीब साढे़ सात बच्चे आनंद की मौत हो गई। नाराज तीमारदार लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी वार्ड में हंगामा करने लगे।
पिता का कहना है कि अगर सही समय पर बच्चें को इलाज मिल जाता तो बच्चा जिंदा होता। वहीं गार्डो ने दूसरे मरीजों का इलाज प्रभावित होने की बात कहकर उन्हें बाहर किया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मरीज की केस हिस्ट्री मंगाकर देखा। पिता को मरीज की पूरी स्थिति बताया। जिसके बाद तीमारदार शव लेकर वापस चले गए।
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी मौतों की जांच
निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि एक तीमारदार से मिली लिखित शिकायत बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी गई है। इसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएल भागर्व, डॉ. डॉ. सुशील श्रीवास्तव, डॉ. विनोद कुमार हैं। जांच कमेटी तीन दिन में जांच करके रिपोर्ट सौंपेगी। जांच में लापरवाही सामने आने पर डॉक्टर-स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
दोनों बच्चें बुखार से ग्रसित थे। गंभीर हालत में लाए गए थे। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। फिलहाल मामले की जांच कराई जा रही है।
डॉ. डीएस नेगी, निदेशक, लोहिया अस्पताल
दोनों बच्चें बुखार से ग्रसित थे। गंभीर हालत में लाए गए थे। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। फिलहाल मामले की जांच कराई जा रही है।
डॉ. डीएस नेगी, निदेशक, लोहिया अस्पताल