छेड़खानी के आरोपी दो IPS अधिकारी सस्पेंड
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बदायूं रेप कांड में घिरी सरकार महिला पुलिस अधिकारी व कर्मचारी के साथ छेड़खानी के आरोपी डीआईजी डीपी श्रीवास्तव व सहायक पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि में दोनों अधिकारी डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे। डीआईजी डीपी श्रीवास्तव पिछले दिनों मेरठ स्थित पीटीएस में तैनात थे।
इस दौरान उन पर एक महिला दरोगा ने छेड़खानी का आरोप लगाया था। इसके बाद श्रीवास्तव को डीआईजी पद से हटा दिया गया था।
जांच रिपोर्ट के बाद निर्णय
डीजीपी एएल बनर्जी के निर्देश पर इस मामले की जांच एडीजी ईओडब्ल्यू सुतापा सान्याल को सौंपी गई थी। दो दिन पहले ही एडीजी सान्याल की जांच रिपोर्ट मिलने पर डीआईजी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
उधर, पिछले दिनों कानपुर नगर में सहायक पुलिस अधीक्षक पद पर रहे आईपीएस संजीव त्यागी पर कानपुर नगर में ही तैनात एक प्रशिक्षु महिला आईपीएस ने छेड़खानी का आरोप लगाया था।
महिला आईपीएस ने लिखित शिकायत भी की थी जिस पर त्यागी को कानपुर नगर से हटा दिया गया था।
अधिकारी ने खुद मानी अपनी गलती
डीआईजी कानपुर की रिपोर्ट पर डीजीपी ने इस मामले की जांच भी एडीजी ईओडब्लयू सुतापा सान्याल को सौंपी थी।
इस बीच संजीव त्यागी ने अपनी गलती मानते हुए महिला आईपीएस से माफी मांग ली थी और एडीजी सुतापा सान्याल को भी इसकी जानकारी दी थी।
पुलिस विभाग से उनके खिलाफ कोई एक्शन लिया जाता, इससे पहले ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दोनों अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दे दिए।
सीएम ने बदायूं गैंगरेप कांड के साथ ही सूबे के कई अन्य जिलों में महिलाओं के प्रति हुई गंभीर वारदातों के बाद यह कदम उठाया।