{"_id":"660b0f672bf87d947905a584","slug":"two-hundred-and-fifty-crore-rupees-remained-from-being-spent-raebareli-news-c-101-1-slko1033-112760-2024-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: खर्च होने से रह गए ढाई सौ करोड़ रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: खर्च होने से रह गए ढाई सौ करोड़ रुपये
Tue, 02 Apr 2024 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 02 Apr 2024 01:17 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली। वित्तीय वर्ष 2023-24 रविवार को समाप्त हो गया। 31 मार्च की रात तक विभागों ने जैसे तैसे बजट खर्च करने का प्रयास किया लेकिन फिर भी सफलता नहीं मिली। नतीजन विभागों को जिला कोषागार के जरिये शासन को ढाई सौ करोड़ रुपये का बजट सरेंडर करना पड़ा। अब अधिकारी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने को बजट समय पर खर्च नहीं होने का कारण बता रहे हैं।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने की संभावना के मद्देनजर शासन की ओर से सभी विभागों को बजट का समय पर उपयोग करने के लिए समय-समय पर दिशा निर्देश दिए गए थे। वर्ष 2023-24 में विभिन्न विभागों को आवंटित बजट 31 मार्च तक खर्च करना था।
शासन ने कोषागार को 31 मार्च की शाम पांच बजे तक बिल लेकर भुगतान के आदेश दिए थे। अधिकारियों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण कुछ विभागों में टेंडर प्रकि्रया पूरी नहीं हो सकी। वहीं कुछ विभागों में नए कार्यों की स्वीकृति नहीं मिल सकी। ऐसी स्थिति में पुराने कार्यों पर ही बजट खर्च किया जा सका। बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, पंचायतीराज सहित अन्य विभागों में सबसे ज्यादा बजट खर्च नहीं हो सका। करीब ढाई सौ करोड़ रुपये का बजट सरेंडर किया गया है। अब चुनाव के बाद बजट मिलने के बाद ही नए कार्य हो सकेंगे।
विज्ञापन
इन विभागों में ज्यादा बजट बचा
विभाग - लौटाया बजट (करोड़ में)
डीपीआरओ 14.67
पुलिस/पीएसी 15.20
स्वास्थ्य विभाग 51.20
बेसिक शिक्षा 185.00
वित्तीय वर्ष 2023-23 समाप्त हो गया है। कई विभागों को खर्च न कर पाने के कारण बजट वापस करना पड़ा है। अब चुनाव के बाद बजट मिलने के बाद ही नए काम कराए जाएंगे।
डॉ. भावना श्रीवास्तव, वरिष्ठ कोषाधिकारी
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने की संभावना के मद्देनजर शासन की ओर से सभी विभागों को बजट का समय पर उपयोग करने के लिए समय-समय पर दिशा निर्देश दिए गए थे। वर्ष 2023-24 में विभिन्न विभागों को आवंटित बजट 31 मार्च तक खर्च करना था।
विज्ञापन
शासन ने कोषागार को 31 मार्च की शाम पांच बजे तक बिल लेकर भुगतान के आदेश दिए थे। अधिकारियों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण कुछ विभागों में टेंडर प्रकि्रया पूरी नहीं हो सकी। वहीं कुछ विभागों में नए कार्यों की स्वीकृति नहीं मिल सकी। ऐसी स्थिति में पुराने कार्यों पर ही बजट खर्च किया जा सका। बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, पंचायतीराज सहित अन्य विभागों में सबसे ज्यादा बजट खर्च नहीं हो सका। करीब ढाई सौ करोड़ रुपये का बजट सरेंडर किया गया है। अब चुनाव के बाद बजट मिलने के बाद ही नए कार्य हो सकेंगे।
विज्ञापन
इन विभागों में ज्यादा बजट बचा
विभाग - लौटाया बजट (करोड़ में)
डीपीआरओ 14.67
पुलिस/पीएसी 15.20
स्वास्थ्य विभाग 51.20
बेसिक शिक्षा 185.00
वित्तीय वर्ष 2023-23 समाप्त हो गया है। कई विभागों को खर्च न कर पाने के कारण बजट वापस करना पड़ा है। अब चुनाव के बाद बजट मिलने के बाद ही नए काम कराए जाएंगे।
डॉ. भावना श्रीवास्तव, वरिष्ठ कोषाधिकारी