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जेपीएनआईसी को शुरू करने को दो सूत्रीय फॉर्मूला, बोर्ड ऑफ गवर्नर ने आईआईटी से कामों का सत्यापन कराने को कहा

Wed, 10 Mar 2021 02:04 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Mar 2021 02:04 AM IST
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two formulas for JPNIC
जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को शुरू करने के लिए एलडीए ने शासन को दो फॉर्मूले पर प्रस्ताव दिया है। एक फॉर्मूले में जहां 975 करोड़ रुपये की संशोधित डीपीआर को अनुमति शासन को देनी होेगी। वहीं दूसरे प्रस्ताव में खर्च को न्यूनतम रखते हुए जेपीएनआईसी का निर्माण पूरा कर उपयोगी बनाना होगा।
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जेपीएनआईसी के लिए बनी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ गवनर्स की बैठक में दूसरे प्रस्ताव पर आगे बढ़ने के लिए अभी कहा गया है। खर्च को न्यूनतम रखते हुए प्रस्ताव बनाकर बोर्ड की अगली बैठक में रखने के लिए मंडलायुक्त रंजन कुमार को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने कहा है। प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने बताया कि बोर्ड की बैठक मुख्य सचिव आरके तिवारी की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। इसमें पीडब्ल्यूडी सहित दूसरे विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए। एलडीए ने कुछ प्रस्ताव बैठक में रखे थे। इनको सुनने के बाद अब यह तय हुआ है कि न्यूनतम खर्च में काम कराते हुए जेपीएनआईसी के काम पूरे किए जाएं। इसकी एक रिपोर्ट दोबारा से तैयार कर एलडीए चेयरमैन व मंडलायुक्त बोर्ड को देंगे। बोर्ड इस प्रस्ताव पर चर्चा कर फैसला करेगा कि जेपीएनआईसी में काम कैसे कराए जाएं? बैठक में मंडलायुक्त रंजन कुमार, वीसी अभिषेक प्रकाश, मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह मौजूद रहे।
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न्यूनतम खर्च में भी 97 करोड़ रुपये अधिक चाहिए
मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि एलडीए के प्रस्ताव के मुताबिक 97 करोड़ रुपये खर्च पूर्व में स्वीकृत डीपीआर से अधिक आएगा। पूर्व में स्वीकृत बजट में भी शासन को 43 करोड़ रुपये देने हैं। इस बजट के काम पहले ही कराए जा चुके हैं। 97 करोड़ रुपये में एलडीए उन कामों को कराएगा जोकि बिल्डिंग को उपयोगी बनाने को जरूरी हैं। इसमें गेस्ट हाउस ब्लॉक और दूसरे फैंसी कामों को छोड़ना पड़ेगा। वहीं अगर पूर्व में तय डिजाइन के मुताबिक ही काम होना है। ऐसे में अभी 110 करोड़ रुपये अधिक बजट शासन को देना होगा। इसके अलावा जीएसटी व सेंटेज का भुगतान अलग से शासन को करना तय है।
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ऑपरेटर बना एक और समस्या
एलडीए के लिए जेपीएनआईसी को न्यूनतम काम कराकर शुरू करना आसान नहीं होगा। इसकी वजह 2016 में चुना गया ऑपरेटर फॉर्च्यूना फाउंडेशन के साथ हुआ अनुबंध है। इसके मुताबिक एलडीए को पूरी बिल्डिंग तैयार करके देनी है। ऐसे में एलडीए को सबसे पहले ऑपरेटर के साथ एक नया अनुबंध साइन करना होगा, जिसमें न्यूनतम काम कराने पर सहमति हो। इसके लिए ऑपरेटर को तैयार करना अधिकारियों के लिए खुद में चुनौती होगी। बोर्ड ने ऑपरेटर को भी बुलाकर वार्ता करने को कहा है।
मंडलायुक्त आज करेंगे निरीक्षण
मंडलायुक्त बोर्ड के निर्देश पर बुधवार को निरीक्षण करने जेपीएनआईसी जा सकते हैं। इसके बाद एलडीए अधिकारियों के साथ वह एक बैठक भी करेंगे। निरीक्षण और बैठक का उद्देश्य नया प्रस्ताव बनाकर मुख्य सचिव को देना है।

अमर उजाला की खबरों के बाद हुई बैठक
जेपीएनआईसी की हालत को लेकर अमर उजाला ने तीन दिन लगातार तीन मार्च, चार मार्च, पांच मार्च को खबरें प्रकाशित कर बदहाली की तरफ अधिकारियों का ध्यान खींचा। इसके बाद मुख्य सचिव ने बोर्ड की बैठक नौ मार्च को बुलाई। इसमें एलडीए से जेपीएनआईसी को उपयोगी बनाने के प्रस्ताव मांगे।
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