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एक कुत्ते के लिए भिड़ गए दो परिवार, बच्ची की बिगड़ी तबियत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:27 PM IST
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इसी कुत्ते (ताशू) के लिए हुआ विवाद
- फोटो : amarujala
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लखनऊ के पीजीआई इलाके में लेब्राडॉर प्रजाति के काले रंग के कुत्ते ‘ताशू’ को लेकर दो परिवारों का महीनों से चल रहा टकराव अंतत: थाने पहुंच गया। यहां रहने वाले बुजुर्ग ने कुत्ता अपने परिचित को दिया था। परिचित ने उसे दिल्ली निवासी दामाद को सौंप दिया। अब बुजुर्ग की बेटी रश्मि शर्मा अपना कुत्ता वापस मांग रही है। इनकार करने पर उसने बुजुर्ग व उसके दामाद के खिलाफ बुधवार को प्राथमिकी तक दर्ज करा दी।
प्रभारी निरीक्षक रविंद्र नाथ राय ने बताया कि कुत्ता ‘ताशू’ रायबरेली रोड पर एल्डिको उद्यान द्वितीय स्थित अराधना निवासी रश्मि शर्मा के पिता पीसी त्रिपाठी का है। उनकी किडनी खराब हैं इसलिए वह कुत्ता नहीं रख सकते थे। करीब छह साल पहले उन्होंने कुत्ता अपने परिचित एल्डिको उद्यान द्वितीय स्थित अभिलाषा निवासी व बीमा कंपनी के रिटायर्ड अधिकारी अनूप श्रीवास्तव को दे दिया था।
अनूप ने ‘ताशू’ को पाला-पोसा। कुछ महीने पहले ही उन्होंने कुत्ता दिल्ली निवासी दामाद विवेक को दे दिया। इस बीच रश्मि के कुत्ता वापस मांगने पर दोनों परिवारों के बीच माहौल गरमा गया। रश्मि का कहना है कि उसकी ससुराल गुड़गांव में है, इसलिए वह कुत्ता अपने साथ नही ले जा सकती थी।
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घर पर कुत्ते को इसलिए नहीं रखा क्योंकि पिता को किडनी की बीमारी है और उसकी वजह से संक्रमण हो सकता था। यही वजह थी उसने कुत्ते को पिता के परिचित अनूप श्रीवास्तव को दे दिया था। बकौल रश्मि, कुत्ता लेते वक्त अनूप श्रीवास्तव ने कहा था कि जब भी वह चाहे उसे अपने साथ ले जा सकती हैं।
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प्रभारी निरीक्षक रविंद्र नाथ राय ने बताया कि कुत्ता ‘ताशू’ रायबरेली रोड पर एल्डिको उद्यान द्वितीय स्थित अराधना निवासी रश्मि शर्मा के पिता पीसी त्रिपाठी का है। उनकी किडनी खराब हैं इसलिए वह कुत्ता नहीं रख सकते थे। करीब छह साल पहले उन्होंने कुत्ता अपने परिचित एल्डिको उद्यान द्वितीय स्थित अभिलाषा निवासी व बीमा कंपनी के रिटायर्ड अधिकारी अनूप श्रीवास्तव को दे दिया था।
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अनूप ने ‘ताशू’ को पाला-पोसा। कुछ महीने पहले ही उन्होंने कुत्ता दिल्ली निवासी दामाद विवेक को दे दिया। इस बीच रश्मि के कुत्ता वापस मांगने पर दोनों परिवारों के बीच माहौल गरमा गया। रश्मि का कहना है कि उसकी ससुराल गुड़गांव में है, इसलिए वह कुत्ता अपने साथ नही ले जा सकती थी।
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घर पर कुत्ते को इसलिए नहीं रखा क्योंकि पिता को किडनी की बीमारी है और उसकी वजह से संक्रमण हो सकता था। यही वजह थी उसने कुत्ते को पिता के परिचित अनूप श्रीवास्तव को दे दिया था। बकौल रश्मि, कुत्ता लेते वक्त अनूप श्रीवास्तव ने कहा था कि जब भी वह चाहे उसे अपने साथ ले जा सकती हैं।
अनूप बोले- दूसरा खरीद दूंगा पर उसे नहीं दूंगा
अब वह कुत्ता वापस मांग रही है तो अनूप उसे देने को तैयार नहीं है। रश्मि अपनी शिकायत लेकर अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन राजीव कृष्ण से मिलीं और अनूप श्रीवास्तव व उनके दामाद पर बेईमानी से कुत्ता हड़पने, गाली-गलौज करने व जानमाल की धमकी देने का आरोप लगाते हुए प्रार्थनापत्र दिया।
अपर पुलिस महानिदेशक के आदेश पर रश्मि शर्मा की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। रश्मि शर्मा का कहना है कि उनकी छह साल की बेटी को कुत्ते से काफी लगाव है।
वह अक्सर बेटी को कुत्ते से मिलवाने के लिए ले जाया करती थीं। बेटी के कहने पर उन्होंने कुत्ता वापस मांगा तो अनूप ने मना कर दिया। यह बात जब उनकी बेटी को पता लगी तो वह सदमे में आ गई। रश्मि ने उसे डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टरों का कहना था कि बच्ची के मन-मस्तिष्क पर कुत्ते से अलग रहने का प्रभाव पड़ा है।
अगर वह कुत्ते के साथ रहेगी तो जल्दी स्वस्थ्य हो जाएगी। अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने ‘ताशू’ को 10000 रुपये में पीसी त्रिपाठी से खरीदा था। उसे अपने बच्चे की तरह पाला है। जरा सी तकलीफ होने पर घर के सारे लोग परेशान हो जाते थे।
बीते कुछ महीने से अस्वस्थ होने के चलते उन्होंने ‘ताशू’ को दिल्ली निवासी अपने दामाद को दे दिया था। फिलहाल वह दिल्ली में रह रहा है। उन्होंने कहा कि अगर रश्मि की छह साल की बेटी को कुत्ता चाहिए तो वह काले रंग का ही लेब्राडॉर खरीदकर दे देंगे, लेकिन ‘ताशू’ को किसी भी कीमत पर नही देंगे।
अपर पुलिस महानिदेशक के आदेश पर रश्मि शर्मा की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। रश्मि शर्मा का कहना है कि उनकी छह साल की बेटी को कुत्ते से काफी लगाव है।
वह अक्सर बेटी को कुत्ते से मिलवाने के लिए ले जाया करती थीं। बेटी के कहने पर उन्होंने कुत्ता वापस मांगा तो अनूप ने मना कर दिया। यह बात जब उनकी बेटी को पता लगी तो वह सदमे में आ गई। रश्मि ने उसे डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टरों का कहना था कि बच्ची के मन-मस्तिष्क पर कुत्ते से अलग रहने का प्रभाव पड़ा है।
अगर वह कुत्ते के साथ रहेगी तो जल्दी स्वस्थ्य हो जाएगी। अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने ‘ताशू’ को 10000 रुपये में पीसी त्रिपाठी से खरीदा था। उसे अपने बच्चे की तरह पाला है। जरा सी तकलीफ होने पर घर के सारे लोग परेशान हो जाते थे।
बीते कुछ महीने से अस्वस्थ होने के चलते उन्होंने ‘ताशू’ को दिल्ली निवासी अपने दामाद को दे दिया था। फिलहाल वह दिल्ली में रह रहा है। उन्होंने कहा कि अगर रश्मि की छह साल की बेटी को कुत्ता चाहिए तो वह काले रंग का ही लेब्राडॉर खरीदकर दे देंगे, लेकिन ‘ताशू’ को किसी भी कीमत पर नही देंगे।