दो दिन बाद यूपी सरकार के खिलाफ होगा 'हल्ला बोल'
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कामदगिरि से शुरू हुई भाजपा की परिक्रमा गोवर्धन पर्वत तक पहुंच गई। 15 महीनों से कुछ ज्यादा की इस परिक्रमा ने भाजपा की हैसियत ही नहीं, भूमिका भी बदल दी है।
साथ ही भगवा रणनीतिकारों पर बदले राजनीतिक परिदृश्य में बदली रणनीति पर काम करने का दबाव भी बढ़ा दिया है।
इसीलिए भाजपा पदाधिकारी शनिवार को कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक शुरू होने की पूर्व संध्या पर गोवर्धन की परिक्रमा करके भगवान कृष्ण से यूपी में पूर्ण उद्धार की कामना करेंगे। साथ ही विधानसभा की चुनावी महाभारत में सफलता दिलाने की प्रार्थना करेंगे।
भाजपा ने तय कर लिया आधा सफर
बृजभूमि में शुक्रवार से शुरू हो रहे भाजपाइयों के तीन दिनी जमावड़े को लेकर सूबे की सियासी संसार की निगाहें उत्सुकता से टिक गई हैं। लोगों की नजर खास तौर से इस पर है कि वनवास काटकर सत्ता में पहुंची भाजपा नई जिम्मेदारियों को किस तरह निभाती है।
अब से 15 महीने पहले जब भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक कामदगिरि पर्वत की धरती चित्रकूट में हुई थी तो पार्टी के पास खोने को कुछ नहीं था।
इसीलिए भाजपाइयों ने राम की धरती पर कामदगिरि की परिक्रमा कर सत्ता में वापस लौटने की याचना की थी। यह याचना कृष्ण की धरती पर गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा तक पहुंचते-पहुंचते लगभग आधी पूरी हो चुकी है। केंद्र में सत्ता संभालने के साथ भाजपा का सूखा खत्म हो चुका है।
यूपी में सत्ता की आस
लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 में 73 सीटों पर भाजपा और सहयोगी दल अपना दल की जीत से यह साबित हो चुका है कि प्रदेश में भाजपा की जड़ें बीच में मुरझा भले गई हों लेकिन सूखी नहीं हैं।
इन्हें खाद-पानी देकर और देखरेख करके हरा-भरा किया जा सकता है। लोकसभा चुनाव में जीत के बावजूद भाजपा के सामने अभी असली चुनौती उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना बाकी है। भाजपाइयों को भरोसा है कि कामदगिरि की परिक्रमा से कटा उनका वनवास गोवर्धन की परिक्रमा के साथ उत्तर प्रदेश में सत्ता की आस को प्राप्त कर लेगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी कहते हैं कि दो दिन की बैठक से पहले शुक्रवार को पार्टी के पदाधिकारी गोवर्धन की परिक्रमा कर नई जिम्मेदारियों को निभाने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की शक्ति प्राप्त करेंगे। दो दिनी इस बैठक में मुख्य रूप से यूपी विधानसभा के आगामी चुनाव की तैयारियों पर फोकस रहेगा।
तय करना होगा नया एजेंडा
भाजपा के नेता भी जानते हैं कि पार्टी अब सत्ता में है। इसलिए इस बैठक में भाजपा का काम सिर्फ उत्तर प्रदेश सरकार के फैसलों व कामकाज की आलोचना तक ही सीमित नहीं रह सकता।
लोगों की निगाहें इस बैठक को लेकर इस बात पर भी टिकी हैं कि केंद्र सरकार के कामकाज को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए भाजपाई क्या कुछ योजना बनाते हैं। सत्ता को जनता के द्वार तक पहुंचाने के लिए क्या कुछ फैसले किए जाएंगे।
तय होगी नई भूमिका
इसीलिए भाजपा ने गोवर्धन की परिक्रमा के साथ नए तेवर और नई भूमिका के साथ मैदान में उतरने की योजना बनाई है। इसके तहत विधायकों व पदाधिकारियों को जवाबदेह बनाने के साथ सत्ता को संगठन के जरिये आम आदमी के दरवाजे पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
तय किया गया है कि बदले राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा अपने लोगों की भूमिका बदले और नए अंदाज व नए स्वरूप के साथ लोगों के बीच पहुंचे।
इसके लिए संगठनात्मक ढांचा को दुरुस्त करने से लेकर अन्य कई काम करने की योजना तैयार की गई है। कार्यसमिति की बैठक में इस सिलसिले में भी व्यापक चर्चा होने की संभावना है।