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छोटे को बचाने सेप्टिक टैंक में कूदा बड़ा भाई, दोनों की मौत

Sat, 29 Aug 2015 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 29 Aug 2015 01:55 AM IST
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Two brothers died after suffocation.

लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में नाबार्ड बैंक के सहायक महाप्रबंधक के घर में शुक्रवार को सैप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे दो सगे भाइयों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे बाद मकान मालकिन ने टैंक पर ढक्कन बंद कर अंदर घुस गई।

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जानकारी पाकर परिवारवाले मौके पर पहुंचे और सूचना पुलिस को दी। दमकलकर्मियों ने दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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इस घटना से भड़के लोगों ने सहायक महाप्रबंधक के घर पर धावा बोल दिया। भीड़ ने घर पर पथराव कर खिड़की के शीशे तोड़ दिए। बवाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। पुलिस ने मारे गए युवकों के चाचा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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मकान मालकिन में जबरन भेजा टैंक के भीतर
पटना में नाबार्ड बैंक में सहायक महाप्रबंधक अरुण कुमार श्रीवास्तव का गुलजार विहार कॉलोनी निवासी में मकान है। उनकी पत्नी कंचन बाला बाराबंकी में सरकारी कॉलेज में शिक्षिका है।

कंचन ने घर से कुछ दूर झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले असम निवासी समद अली के बेटे अफसर (18) व शबदर अली (21) को टैंक की सफाई के लिए बुलाया था। उनके साथ एक साथी आयूब अली भी था। तीनों टैंक की सफाई में जुटे थे। आरोप है कि इस बीच कंचन बाला व किराएदारों ने जबरन अफसर को सीढ़ी लगाकर टैंक में उतरवा दिया।

मजदूर बेहोश हुए तो लगा दिया टैंक का ढक्कन

Two brothers died after suffocation.

टैंक की जहरीली गैस के चलते अफसर चीखते हुए अंदर गिर गया। भाई को बचाने के लिए शबदर अली टैंक में उतर गया। लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आने से दोनों भाई बेहोश हो गए। यह देख आयूब वहां से भागकर झोपड़ी पहुंचा और लोगों को बुलाया।

लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे बाद कंचन सीवर टैंक पर ढक्कन लगाकर अंदर भाग गईं। करीब आधा घंटे तक टैंक में पड़े रहने से अफसर और शबदर की मौत हो गई।

मौके पर पहुंचे चाचा हसीमुद्दीन व लोगों ने दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की, मगर कामयाब नहीं हुए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दमकलकर्मियों को बुलाकर उन्हें बाहर निकाला। लोगों का कहना था समय रहते ही दोनों को बाहर निकाला जाता तो उनकी जान बच सकती थी।

भीड़ ने एक घंटे घेरे रहा मकान
घटना से आक्रोशित झुग्गी झोपड़ी वालों ने सहायक महाप्रबंधक के घर पहुंचकर पथराव कर दिया। इससे किराएदार व मकान मालकिन कमरों में दुबक गए। बवाल की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। करीब एक घंटे तक भीड़ ने मकान घेर रखा। पुलिस ने चाचा हसीमुद्दीन की तहरीर पर मकान मालकिन इंदु बाला व उनके पति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।

दो सौ रुपए की खातिर चली गई जान

Two brothers died after suffocation.

कंचन बाला ने अफसर अली से एक दिन पहले टैंक सफाई करने की एवज में दो सौ रुपये का लालच दिया था। दोपहर में कंचन अफसर को बुलाने पहुंची तो उसका भाई शबदर भी वहां मौजूद था।

अगले माह होनी थी शबदर की शादी

हसीमुद्दीन ने बताया शबदर की शादी गोमतीनगर के उजरियांव गांव निवासी एक युवती से शादी तय थी। दस सितंबर को शादी होनी थी।

तीन साल पहले हुई थी बड़े भाई की मौत
चाचा हसीमुद्दीन ने बताया दोनों भाईयों की मौत की खबर असम में रहने वाले मां बाप समद अली को फोन पर दी तो उनके होश उड़ गए। मां बाप का रो-रोकर बुरा हाल था।

बड़े बेटे शमशुल की तीन साल पहले हुई मौत के गम को मां बाप भूला नहीं पाए थे। इस दर्दनाक हादसे ने दोनों बेटों की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। चाचा ने बताया दोनों बेटों की मौत बाद मां बाप की मानसिक स्थिति बिगड़ गई।

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