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सड़क हादसे में दो बाउंसरों की मौत
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लखनऊ। गोसाईंगंज कस्बे में आयोजित रामकथा से ड्यूटी कर रविवार देर रात बाइक से घर जा रहे निजी कंपनी के दो बाउंसरों की तेज रफ्तार पिकप डाला की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर भाग गया। परिवारीजनों की तहरीर पर पुलिस ने पिकप डाला के चालक पर केस दर्ज कर लिया है।
कृष्णानगर के बरीगंवा निवासी गणेश कुमार मिश्रा (50) और एलडीए कॉलोनी निवासी चन्द्रकान्त शुक्ला (40) आलमबाग सर्विलांस डिटेक्टिव सिक्योरिटी प्रा. लि. में बाउंसर की नौकरी करते थे। रविवार को दोनों बाइक से गोसाईंगंज कस्बे में आयोजित रामकथा में ड्यूटी पर गए थे। कथा के समापन पर देर रात 11 बजे के करीब चन्द्रकान्त शुक्ला व गणेश कुमार मिश्रा बाइक से घर जा रहे थे। जैसे ही दोनों हाईवे पर स्थित गुमटी नं. 5 के पास पहुंचे ही थे, तभी सुल्तानपुर की तरफ से लखनऊ जा रहे तेज रफ्तार पिकप डाला ने बाइक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिर गए और मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बाइक पिकप में फंसने के चलते चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस खून से लथपथ दोनों बाउंसरों को सीएचसी लेकर गई जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों मृतकों के परिवारीजनों को घटना की सूचना दी। परिवारीजन मौके पर पहुंचे तो कोहराम मच गया। इंस्पेक्टर शैलेन्द्र गिरी ने बताया कि मृतक चन्द्रकांत के बड़े भाई सूर्यकांत शुक्ला की तहरीर पर पिकप डाला सहित अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश की जा रही है।
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शवों के घर पहुंचने पर मचा कोहराम
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद मृतक गणेश मिश्रा का शव घर पहुंचा तो पत्नी उमा मिश्रा सहित दोनों बेटियां प्राप्ति व तृप्ति शव से लिपटकर रोने लगी। वहीं पांच साल का मासूम बेटा मन्नत पिता के शव को एकटक निहारता रहा। मौके पर मौजूद रिश्तेदार व पड़ोसी परिवार का करुण क्रंदन देखकर अपने आंसू नहीं रोक सके। यही हाल चन्द्रकांत का शव उनके किराए के आवास पर पहुंचने पर हुआ। पत्नी स्नेहलता पति के शव से लिपटकर रोने लगी। मासूम बेटिया दिव्यांका और काव्या पिता के शव को एकटक निहारती रहीं। मासूम बेटियों का चेहरा देख वहां मौजूद लोग भी द्रवित हो गए। दोनों ही मृतकों के परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। किसी तरह बाउंसर की नौकरी से मिलने वाले वेतन से परिवार के लिए दो जून की रोटी का इंतजाम हो पाता था।
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कृष्णानगर के बरीगंवा निवासी गणेश कुमार मिश्रा (50) और एलडीए कॉलोनी निवासी चन्द्रकान्त शुक्ला (40) आलमबाग सर्विलांस डिटेक्टिव सिक्योरिटी प्रा. लि. में बाउंसर की नौकरी करते थे। रविवार को दोनों बाइक से गोसाईंगंज कस्बे में आयोजित रामकथा में ड्यूटी पर गए थे। कथा के समापन पर देर रात 11 बजे के करीब चन्द्रकान्त शुक्ला व गणेश कुमार मिश्रा बाइक से घर जा रहे थे। जैसे ही दोनों हाईवे पर स्थित गुमटी नं. 5 के पास पहुंचे ही थे, तभी सुल्तानपुर की तरफ से लखनऊ जा रहे तेज रफ्तार पिकप डाला ने बाइक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
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टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिर गए और मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बाइक पिकप में फंसने के चलते चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस खून से लथपथ दोनों बाउंसरों को सीएचसी लेकर गई जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों मृतकों के परिवारीजनों को घटना की सूचना दी। परिवारीजन मौके पर पहुंचे तो कोहराम मच गया। इंस्पेक्टर शैलेन्द्र गिरी ने बताया कि मृतक चन्द्रकांत के बड़े भाई सूर्यकांत शुक्ला की तहरीर पर पिकप डाला सहित अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश की जा रही है।
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शवों के घर पहुंचने पर मचा कोहराम
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद मृतक गणेश मिश्रा का शव घर पहुंचा तो पत्नी उमा मिश्रा सहित दोनों बेटियां प्राप्ति व तृप्ति शव से लिपटकर रोने लगी। वहीं पांच साल का मासूम बेटा मन्नत पिता के शव को एकटक निहारता रहा। मौके पर मौजूद रिश्तेदार व पड़ोसी परिवार का करुण क्रंदन देखकर अपने आंसू नहीं रोक सके। यही हाल चन्द्रकांत का शव उनके किराए के आवास पर पहुंचने पर हुआ। पत्नी स्नेहलता पति के शव से लिपटकर रोने लगी। मासूम बेटिया दिव्यांका और काव्या पिता के शव को एकटक निहारती रहीं। मासूम बेटियों का चेहरा देख वहां मौजूद लोग भी द्रवित हो गए। दोनों ही मृतकों के परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। किसी तरह बाउंसर की नौकरी से मिलने वाले वेतन से परिवार के लिए दो जून की रोटी का इंतजाम हो पाता था।