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Lucknow News: फर्जीवाड़ा कर मकान बेचने के दो आरोपी गिरफ्तार
Sun, 19 Apr 2026 01:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 19 Apr 2026 01:50 AM IST
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लखनऊ। वजीरगंज पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मकान बेचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में कृष्णानगर के मानस नगर निवासी दयानंद पांडेय और एलडीए कॉलोनी निवासी राजकमल सिंह शामिल हैं। आरोपियों पर एक सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक के मकान का फर्जी विक्रय विलेख करने का आरोप है।
इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी के मुताबिक दोनों को शहीद स्मारक पार्क के पास से शनिवार को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के खिलाफ सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक बाबूराम की तहरीर पर केस दर्ज किया गया था। बाबूराम ने शिकायत की थी कि कुछ लोगों ने खुद को उनके मकान का मालिक बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और विक्रय विलेख कर दिया। तहरीर के आधार पर मैफूज, सोनू शुक्ला, विनोद कुमार यादव, देवाशीष पांडे (नैनीताल बैंक के वर्तमान शाखा प्रबंधक), अभिषेक अग्रवाल (पूर्व शाखा प्रबंधक) और बैंक के कर्मचारियों सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान दयानंद पांडेय जो खुद को फर्जी बाबूराम बताता था, उसका नाम सामने आया। आरोपी से पूछताछ में उसने फर्जीवाड़े में राजकमल सिंह के शामिल होने की बात बताई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से पांच एटीएम कार्ड, दो आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस और एक निर्वाचन कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा दोनों के पास से तीन मोबाइल फोन भी मिले हैं। राजकमल सिंह मूल रूप से कौशांबी जिले का रहने वाला है। दयानंद पांडे ने फर्जी बाबूराम बनकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
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इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी के मुताबिक दोनों को शहीद स्मारक पार्क के पास से शनिवार को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के खिलाफ सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक बाबूराम की तहरीर पर केस दर्ज किया गया था। बाबूराम ने शिकायत की थी कि कुछ लोगों ने खुद को उनके मकान का मालिक बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और विक्रय विलेख कर दिया। तहरीर के आधार पर मैफूज, सोनू शुक्ला, विनोद कुमार यादव, देवाशीष पांडे (नैनीताल बैंक के वर्तमान शाखा प्रबंधक), अभिषेक अग्रवाल (पूर्व शाखा प्रबंधक) और बैंक के कर्मचारियों सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान दयानंद पांडेय जो खुद को फर्जी बाबूराम बताता था, उसका नाम सामने आया। आरोपी से पूछताछ में उसने फर्जीवाड़े में राजकमल सिंह के शामिल होने की बात बताई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से पांच एटीएम कार्ड, दो आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस और एक निर्वाचन कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा दोनों के पास से तीन मोबाइल फोन भी मिले हैं। राजकमल सिंह मूल रूप से कौशांबी जिले का रहने वाला है। दयानंद पांडे ने फर्जी बाबूराम बनकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
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