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NTPC: जान बचाने को आगे आया शहर, केजीएमयू से एयरपोर्ट तक का सफर 19 से 20 मिनट में पूरा
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 03 Nov 2017 02:52 PM IST
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मरीज को लेकर रवाना होती एंबुलेंस
- फोटो : amarujala
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एनटीपीसी में विस्फोट में घायल अधिकारी-कर्मचारियों की जान बचाने के लिए बृहस्पतिवार को शहर का ट्रैफिक दो बार रोक दिया गया। यह पहला मौका है जब राजधानी में छह बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 12 मरीजों को दिल्ली शिफ्ट किया गया। 150 पुलिसकर्मियों ने कॉरिडोर बनाने में अहम भूमिका निभाई। सबसे पहले बृहस्पतिवार की सुबह पौने 11 बजे चौक स्थित सिप्स हॉस्पिटल से तीन मरीजों को एयरपोर्ट तक ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
एम्बुलेंस की रफ्तार करीब 80-90 के बीच रही और 38 किमी. का सफर महज 20 मिनट में पूरा हो गया। चौथी बार दोपहर में बने ग्रीन कॉरिडोर में सफर पूरा करने में सिर्फ 19 मिनट 30 सेकेंड व पांचवीं बार महज 19 मिनट में का समय लगा। इसके बाद रात को 10 बजे एक बार फिर सात मरीजों को सिविल अस्पताल से अमौसी एयरपोर्ट ले जाने के लिए ग्रीन कॅरिडोर बनाया गया।
सात एम्बुलेंस से एक-एक करके मरीजों को एयरपोर्ट पहुंचाया गया। वहां से एयर एम्बुलेंस से सभी को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल ले जाया जाएगा। एनटीपीसी के अधिकारियों ने बताया कि एयरफोर्स के विशेष विमान से रात में ही सातों मरीजों को ले जाने का निर्णय लिया गया था। दिल्ली ्में भी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को सफदरगंज अस्पताल पहुंचाया गया।
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एम्बुलेंस की रफ्तार करीब 80-90 के बीच रही और 38 किमी. का सफर महज 20 मिनट में पूरा हो गया। चौथी बार दोपहर में बने ग्रीन कॉरिडोर में सफर पूरा करने में सिर्फ 19 मिनट 30 सेकेंड व पांचवीं बार महज 19 मिनट में का समय लगा। इसके बाद रात को 10 बजे एक बार फिर सात मरीजों को सिविल अस्पताल से अमौसी एयरपोर्ट ले जाने के लिए ग्रीन कॅरिडोर बनाया गया।
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सात एम्बुलेंस से एक-एक करके मरीजों को एयरपोर्ट पहुंचाया गया। वहां से एयर एम्बुलेंस से सभी को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल ले जाया जाएगा। एनटीपीसी के अधिकारियों ने बताया कि एयरफोर्स के विशेष विमान से रात में ही सातों मरीजों को ले जाने का निर्णय लिया गया था। दिल्ली ्में भी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को सफदरगंज अस्पताल पहुंचाया गया।
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बनाया अनूठा रिकॉर्ड
मरीजों को ले जाती एंबुलेंस
- फोटो : amarujala
कब-कितने बजे किसे किया शिफ्ट
दिन में ले जाए गए मरीज
10:43 प्रभात श्रीवास्तव
10:54 मिश्रीलाल
11:09 सहदेव साहू
3:01 धानु भुइया
5:02 छोटू चौधरी
रात दस बजे के बाद शिफ्टिंग
10.00 शहनवाज
10:10 चंद्र प्रताप सिंह
10:15 मुकेश
10:18 राकेश
10:20 पुष्पराज
10: 34 राम सिंह
10: 55 भीम
यहां से गुजरी एम्बुलेंस
शाहमीना रोड, डालीगंज, हाईकोर्ट तिराहा, क्लार्क अवध तिराहा, चिरैया झील, 1090 चौराहा, लालबत्ती, कटाई पुल चौराहा, अर्जुनगंज बाजार, अहिमामऊ शहीद पथ पुल, शहीर पथ चौराहे से कानपुर रोड व अमौसी एयरपोर्ट।
सिविल अस्पताल से दिल्ली रेफर किए गए मरीजों के बारे में न अस्पताल के डॉक्टर जान पाए और न ही ग्रीन कारीडोर बनाने के लिए ट्रैफिक महकमे को जानकारी दी गई। छह एंबुलेंस निकलने बाद एएएसपी ट्रैफिक को मामले की जानकारी हुई। ऐसा माना जा रहा है कि आज तक पूरे भारत में कहीं ऐसा नहीं हुआ कि महज 12 घंटे में छह बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 12 मरीजों को शिफ्ट कर दिया गया
दिन में ले जाए गए मरीज
10:43 प्रभात श्रीवास्तव
10:54 मिश्रीलाल
11:09 सहदेव साहू
3:01 धानु भुइया
5:02 छोटू चौधरी
रात दस बजे के बाद शिफ्टिंग
10.00 शहनवाज
10:10 चंद्र प्रताप सिंह
10:15 मुकेश
10:18 राकेश
10:20 पुष्पराज
10: 34 राम सिंह
10: 55 भीम
यहां से गुजरी एम्बुलेंस
शाहमीना रोड, डालीगंज, हाईकोर्ट तिराहा, क्लार्क अवध तिराहा, चिरैया झील, 1090 चौराहा, लालबत्ती, कटाई पुल चौराहा, अर्जुनगंज बाजार, अहिमामऊ शहीद पथ पुल, शहीर पथ चौराहे से कानपुर रोड व अमौसी एयरपोर्ट।
सिविल अस्पताल से दिल्ली रेफर किए गए मरीजों के बारे में न अस्पताल के डॉक्टर जान पाए और न ही ग्रीन कारीडोर बनाने के लिए ट्रैफिक महकमे को जानकारी दी गई। छह एंबुलेंस निकलने बाद एएएसपी ट्रैफिक को मामले की जानकारी हुई। ऐसा माना जा रहा है कि आज तक पूरे भारत में कहीं ऐसा नहीं हुआ कि महज 12 घंटे में छह बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 12 मरीजों को शिफ्ट कर दिया गया