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जानिए, लखनऊ में किस बड़े कारण से खोली जाएंगी बंद सुरंगे!

Mon, 21 Sep 2015 09:26 AM IST
Updated Mon, 21 Sep 2015 09:26 AM IST
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tunnel tourism will start in lucknow

यदि आपको रहस्य-रोमांच से भरपूर पर्यटन पसंद है तो तैयार हो जाइए ‘हेरिटेज टनल टूरिज्म’ के लिए। पर्यटन विभाग सैलानियों को सुरंग के जरिए ऐतिहासिक धरोहरों की सैर कराएगा। इन धरोहरों का इस्तेमाल नवाब युद्ध के दौरान या फिर किसी विशेष परिस्थितियों में किया करते थे।

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वर्षों पहले बंद की जा चुकीं इन सुरंगों का पता विशेषज्ञों की मदद से लगाएगा पर्यटन विभाग। इन्हें चिन्हित कर इनकी साफ-सफाई और रंग रोगन कराया जाएगा। इसके बाद सुरंग के जरिए लखनऊ दर्शन शुरू होगा।
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साथ ही ऐतिहासिक भवनों में बने तहखानों का इस्तेमाल इतिहास से जुड़ी आर्ट गैलरियों में किया जाएगा। ड्राफ्ट तैयार कर प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। इतिहासकार रोशन तकी कहते हैं कि हुसैनाबाद से मोतीमहल तक जो सुरंग है, उससे कई और छोटी-छोटी सुरंगे भी जुड़ी हुई हैं।
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जब अवध पर अंग्रेजों ने कब्जा किया तो उन्होंने इस मुख्य सुरंग को ट्रंक सीवर बना दिया था। 

इन धरोहरों तक फैली हैं सुरंगें

रूमी दरवाजा, सतखंडा, पिक्चर गैलरी, छोटा व बड़ा इमामबाड़ा, कोठी फरहत बख्श, रेजीडेंसी, छतर मंजिल, लाल बारादरी, कोठी दर्शन विलास, बिबियापुर कोठी, गुलिस्तान-ए-इरम, कोठी रोशनुद्दौला, परी भवन, सआदत अली खां का मकबरा, मोती महल, लॉमार्टीनियर गर्ल्स और राजभवन में सुरंगों का जाल फैला हुआ है।

...इसलिए बंद कर दीं

tunnel tourism will start in lucknow

इतिहासविद हफीज किदवई बताते हैं कि 1960 में जब बाढ़ आई तो सुरंगों में गोमती का पानी ऊपर तक भर गया। पानी भरने के कारण ही धरोहरों पर खतरे की आशंका बढ़ गई। इसके कारण इमामबाड़े, लाल बारादरी व अन्य इमारतों की सुरंगों को दीवारों से बंद कर दिया गया।

लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरें सुरंगों से जुड़ी हैं। रखरखाव न होने के चलते इन्हें बंद कर दिया गया। रिटेज टनल टूरिज्म को विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना हैा। सुरंगों के भीतर से लोगों को लखनऊ दर्शन कराया जाएगा। प्रस्ताव तैयार हो रहा है।

योजना को मुकम्मल करने में जिला प्रशासन, हुसैनाबाद ट्रस्ट, नगर निगम, एएसआई, राज्य पुरातत्व विभाग व अन्य सम्बंधित विभागों व विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। योजना अभी पहले चरण में ही है।’
राजेन्द्र प्रसाद यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी

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