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Lucknow News: तुगलक के निर्णयों ने उसे बनाया क्रूर शासक
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नाटक तुगलक का मंचन करते कलाकार।
लखनऊ। दिल्ली के शासक मोहम्मद बिन तुगलक ने पहले अपनी राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित किया और फिर तांबे के सिक्कों को चलन में लाया लेकिन उसके ये दोनों ही निर्णय बाद में गलत साबित हुए। इन्हीं निर्णयों ने उसके स्वभाव को भी क्रूर कर दिया। एक बादशाह के दो अलग रूपों की कहानी मशहूर नाटककार गिरीश कर्नाड के नाटक तुगलक में शनिवार को मंच पर उतरी।
उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से उमंग फाउंडेशन की ओर से अयोध्या रोड स्थित गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज महाविद्यालय के सभागार में किया गया। राहुल शर्मा की परिकल्पना व निर्देशन में सजे स ऐतिहासिक नाटक को कलाकारों ने अपने अभिनय से संवारा।
नाटक में तुगलक को एक बुद्धिमान, आदर्शवादी लेकिन विरोधाभासी शासक के रूप में दिखाया गया। वह अपने शासन में न्याय, धर्मनिरपेक्षता और समानता स्थापित करना चाहता है, लेकिन उसके फैसले असफल साबित होते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, तुगलक का आदर्शवाद टूटता जाता है और वह क्रूर, संदेहपूर्ण तथा तानाशाही शासक बन जाता है। अंत में यही उसके पतन का कारण बनता है। नाटक में तमाल बोस, अनामिका सिंह, गुरुदत्त पांडे, शशांक पांडेय, रोहित श्रीवास्तव, कुलदीप श्रीवास्तव, ललित कुमार, आनंद यादव, विनय गुज्जर, सनुज प्रजापति, रवि सिन्हा, ओम प्रकाश केवलानी ने अभिनय किया वही संगीत आकाश दयाल और प्रकाश संयोजन रोज़ी मिश्रा का रहा।
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उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से उमंग फाउंडेशन की ओर से अयोध्या रोड स्थित गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज महाविद्यालय के सभागार में किया गया। राहुल शर्मा की परिकल्पना व निर्देशन में सजे स ऐतिहासिक नाटक को कलाकारों ने अपने अभिनय से संवारा।
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नाटक में तुगलक को एक बुद्धिमान, आदर्शवादी लेकिन विरोधाभासी शासक के रूप में दिखाया गया। वह अपने शासन में न्याय, धर्मनिरपेक्षता और समानता स्थापित करना चाहता है, लेकिन उसके फैसले असफल साबित होते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, तुगलक का आदर्शवाद टूटता जाता है और वह क्रूर, संदेहपूर्ण तथा तानाशाही शासक बन जाता है। अंत में यही उसके पतन का कारण बनता है। नाटक में तमाल बोस, अनामिका सिंह, गुरुदत्त पांडे, शशांक पांडेय, रोहित श्रीवास्तव, कुलदीप श्रीवास्तव, ललित कुमार, आनंद यादव, विनय गुज्जर, सनुज प्रजापति, रवि सिन्हा, ओम प्रकाश केवलानी ने अभिनय किया वही संगीत आकाश दयाल और प्रकाश संयोजन रोज़ी मिश्रा का रहा।

नाटक तुगलक का मंचन करते कलाकार।

नाटक तुगलक का मंचन करते कलाकार।

नाटक तुगलक का मंचन करते कलाकार।

नाटक तुगलक का मंचन करते कलाकार।

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