बस सात दिन और... सामने आ जाएगा यूपी विधानसभा में मिले विस्फोटक का सच
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यूपी विधानसभा में मिला पदार्थ विस्फोटक पीईटीएन था या नहीं, यह हफ्तेभर में साफ में हो जाएगा। एनआईए सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ लैब की जांच रिपोर्ट अगले हफ्ते मिल जाएगी।
हालांकि कुछ चैनलों ने हैदराबाद लैब का हवाला देते हुए बताया कि यह पदार्थ पीईटीएन नहीं बल्कि क्वार्ट्ज था। बताया जाता है कि क्वार्ट्ज लकड़ी की पॉलिश में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि कोई अधिकारी नहीं कर रहा है।
एनआईए के अधिकारी इस मामले में बोलने से बच रहे हैं जबकि एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि मामला एनआईए को स्थानांतरित हो चुका है, इसलिए रिपोर्ट सीधे एनआईए को पहुंचेगी। एनआईए ने सैंपल चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है जबकि एटीएस ने हैदराबाद नमूना भेजा है।
मालूम हो कि उप्र विधानसभा में 12 जुलाई को सीट नंबर 80 पर कुशन के नीचे संदिग्ध सफेद पदार्थ मिला था। लखनऊ स्थित राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डायरेक्टर श्याम बिहारी उपाध्याय ने प्रारंभिक जांच में दावा किया था कि यह पाउडर खतरनाक प्लास्टिक विस्फोटक पीईटीएन है।
सीएम ने की थी एनआईए से जांच कराने की मांग
विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे खतरनाक आतंकी साजिश बताते हुए पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराने की घोषणा की थी।
इस दौरान आगरा भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट में बताया गया कि यह पदार्थ पीईटीएन नहीं है। इसके बाद शासन में हड़कंप मच गया। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने आनन-फानन में खंडन जारी कर यहां तक कह दिया कि आगरा में विस्फोटक की जांच ही नहीं होती।
बाद में एटीएस ने सैंपल की जांच हैदराबाद स्थित केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराने के लिए भेजा लेकिन रिपोर्ट आती, इससे पहले ही जांच एनआईए ने ले ली।