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ट्रॉमा सेंटर में ट्रायज एरिया फुल, इलाज में मुश्किल, सभी 80 बेड पर मरीज, भीड़ के चलते नए रोगी स्ट्रेचर पर

Tue, 09 Mar 2021 01:40 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 01:40 AM IST
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triage area full in trauma centre
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में इलाज मिलना मुश्किल होता जा रहा है। ट्रायज एरिया के फुल होने से यह स्थिति बन गई है। यहां के सभी 80 बेड पर मरीज हैं। ऐसे में नए मरीज स्ट्रेचर पर हैं। वहीं, भीड़ ज्यादा होने से नए और पुराने दोनों मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। इससे मरीज और तीमारदार दोनों परेशान हैं।
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ट्रॉमा सेंटर में पूरे प्रदेश से मरीज आते हैं। यहां 400 बेड और 150 स्ट्रेचर हैं। पिछले दिनों ट्रॉमा के सामने वृद्धावस्था मानसिक केंद्र में बने होल्डिंग एरिया को खत्म कर दिया गया है। इसके स्थान पर अब रैन बसेरे को ट्रायज एरिया में तब्दील कर दिया गया है, जिसमें 80 बेड रखे गए हैं। कोरोना के मरीज कम होने के बाद ट्रॉमा सेंटर पर अब पूरे प्रदेश के मरीजों का दबाव पड़ रहा है। ट्रायज सेंटर के बाद इन्हें अस्पताल में भर्ती किया जाता है। हालांकि, मरीजों की संख्या ज्यादा होने से इलाज की व्यवस्था चरमरा रही है। ट्रायज एरिया के सभी बेड फुल हो चुके हैं। उधर, मरीजों का आना जारी है। ऐसे में इंतजार के बाद इन्हें ट्रायज एरिया में लिया जा रहा है।
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सीटी स्कैन के लिए लंबा इंतजार
मरीजों की ज्यादा संख्या का सीधा असर यहां होने वाली जांचों पर पड़ रहा है। ट्रॉमा सेंटर में सबसे ज्यादा संख्या एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों की होती है। सीटी स्कैन से लेकर इनकी अन्य जांच की जाती हैं। भीड़ अधिक होने से गंभीर रूप से घायल मरीजों को भी सीटी स्कैन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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हादसों और सांस के रोगी सबसे ज्यादा
ट्रॉमा में सबसे ज्यादा मरीज दुर्घटना के बाद पहुंच रहे हैं। गंभीर रूप से घायल ये मरीज प्रदेश के विभिन्न स्थानों के होते हैं। इसके बाद सांस के रोगियों की सबसे बड़ी संख्या है।

मरीजों का दबाव इस समय ज्यादा है। इसके बावजूद सभी को इलाज मुहैया कराया जा रहा है। किसी भी मरीज को वापस नहीं किया जा रहा है। संख्या ज्यादा होने से जांच में भी थोड़ा समय लग रहा है।
- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू
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