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Lucknow News: 2500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित, 905 बैंक शाखाओं में नहीं हुआ काम
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प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।
लखनऊ। पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग के लिए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हुई राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते जिले के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की 905 शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। इसके चलते मंगलवार को करीब 2500 करोड़ रुपये की क्लीयरिंग नहीं हो सकी।
मांगों के समर्थन में विभिन्न बैंकों के कर्मचारी कामकाज ठप कर हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक शाखा पर एकत्र हुए। यहां नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मौके पर हुई सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश संयोजक वाईके अरोड़ा ने कहा कि बैंककर्मी महीने में दूसरे और तीसरे शनिवार अवकाश की मांग कर रहे हैं। इसके बदले प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने के लिए भी तैयार हैं। एनसीबीई के महामंत्री डीके सिंह ने कहा कि जब रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी, नाबार्ड और कई सरकारी संस्थानों में पांच कार्य दिवस लागू हैं तो बैंकों में यह व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने इसे बैंककर्मियों के साथ भेदभाव बताया। जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि लंबे समय से आंदोलन, रैली और सोशल मीडिया अभियान चलाने के बावजूद केंद्र सरकार मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है।
भीख नहीं...अधिकार मांग रहे
वक्ताओं ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग कोई भीख नहीं बल्कि बैंककर्मियों का अधिकार है। इसके लिए लंबी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। सभा को लक्ष्मण सिंह, शकील अहमद, संदीप सिंह, वीके माथुर, बीडी पांडे, एसडी मिश्रा, विभाकर कुशवाहा, आनंद सिंह, विशाखा वर्मा और स्वाति सिंह ने भी संबोधित किया।
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तेज किया जाएगा आंदोलन
संगठन के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने दावा किया कि मंगलवार को जिले में बैंकों के 16 हजार कर्मचारी हड़ताल पर थे। इसके के चलते बैंकों में चेक क्लीयरिंग, नकद लेनदेन, पेंशन भुगतान और सरकारी लेनदेन भी प्रभावित रहा। यदि सरकार ने बैंककर्मियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
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मांगों के समर्थन में विभिन्न बैंकों के कर्मचारी कामकाज ठप कर हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक शाखा पर एकत्र हुए। यहां नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मौके पर हुई सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश संयोजक वाईके अरोड़ा ने कहा कि बैंककर्मी महीने में दूसरे और तीसरे शनिवार अवकाश की मांग कर रहे हैं। इसके बदले प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने के लिए भी तैयार हैं। एनसीबीई के महामंत्री डीके सिंह ने कहा कि जब रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी, नाबार्ड और कई सरकारी संस्थानों में पांच कार्य दिवस लागू हैं तो बैंकों में यह व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने इसे बैंककर्मियों के साथ भेदभाव बताया। जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि लंबे समय से आंदोलन, रैली और सोशल मीडिया अभियान चलाने के बावजूद केंद्र सरकार मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है।
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भीख नहीं...अधिकार मांग रहे
वक्ताओं ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग कोई भीख नहीं बल्कि बैंककर्मियों का अधिकार है। इसके लिए लंबी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। सभा को लक्ष्मण सिंह, शकील अहमद, संदीप सिंह, वीके माथुर, बीडी पांडे, एसडी मिश्रा, विभाकर कुशवाहा, आनंद सिंह, विशाखा वर्मा और स्वाति सिंह ने भी संबोधित किया।
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तेज किया जाएगा आंदोलन
संगठन के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने दावा किया कि मंगलवार को जिले में बैंकों के 16 हजार कर्मचारी हड़ताल पर थे। इसके के चलते बैंकों में चेक क्लीयरिंग, नकद लेनदेन, पेंशन भुगतान और सरकारी लेनदेन भी प्रभावित रहा। यदि सरकार ने बैंककर्मियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।

प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।

प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।

प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।

प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।

प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।

प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।

प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।

प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।

प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।

प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।