10 दिनों तक आठ घंटे होगी शिक्षकों की ट्रेनिंग
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यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल रोकने के लिए कक्षा 9 व 11 के छात्रों की ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था को बेहतर ढंग से चलाने के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) योजना का सहारा लिया जाएगा।
इसके लिए राजकीय व सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों के शिक्षकों को कंप्यूटर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक स्कूल से हर साल पांच-पांच शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर पांच साल में 25 ट्रेंड शिक्षक तैयार किए जाएंगे।
ये कंप्यूटर में पारंगत होंगे और ऑनलाइन पंजीकरण आसानी से कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक अवध नरेश शर्मा ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है।
राजकीय, सहायता प्राप्त व वित्तविहीन इंटर कॉलेजों में पढ़ने वाले कक्षा 9 व 11 के छात्रों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले छात्र-छात्राओं को ही हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र माना गया है।
सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों को होती में होती हैं दिक्कतें
वित्तविहीन स्कूलों का प्रबंधन अपने यहां के छात्रों का पंजीकरण आसानी से करा लेता है, लेकिन सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में इसे लेकर समस्या आ रही है। इन इंटर कॉलेजों में कंप्यूटर में दक्ष शिक्षक न होने की वजह से ऑनलाइन पंजीकरण समय से नहीं हो पा रहा है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक राजकीय व सहायता इंटर कॉलेज के पांच-पांच शिक्षकों को आईसीटी योजना के तहत प्रशिक्षित कराएं।
शिक्षकों को 10 दिनों तक प्रतिदिन आठ घंटे कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उन्हें ऑनलाइन काम करने में आसानी होगी।