{"_id":"60219fc58ebc3e4c65642f86","slug":"traffic-police-worker-has-no-knowledge-about-itms-lucknow-news-lko5638889184","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में कुछ नहीं जानते यातायातकर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में कुछ नहीं जानते यातायातकर्मी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रवेंद्र गुप्ता
राजधानी के यातायात पुलिसकर्मी इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं।
यह खुलासा आईटीएमएस पर उन यातायात पुलिसकर्मियों की बीते माह हुई एक कार्यशाला के बाद जारी रिपोर्ट से हुआ है कि जिनको ट्रेनिंग दी गई थी।
अब सवाल यह है कि जिन कर्मचारियों को प्रशिक्षण नहीं मिला उनका क्या हाल होगा। जबकि ट्रैफिक सिस्टम को स्मार्ट बनाने के लिए सालभर से आईटीएमएस पर यातायात चलाया जा रहा है और नियमों के उल्लंघन पर चालान भी हो रहे हैं।
अब फिर से ट्रेनिंग देने के लिए पुलिस उपायुक्त यातायात डॉ. ख्याति गर्ग ने पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था और नगर आयुक्त को पत्र लिखा है।
सिस्टम पर बैठाकर नहीं दिया प्रशिक्षण
यातायात कर्मियों ने अपने अफसरों को कार्यशाला में बताया कि प्रशिक्षण के दौरान आईटीएमएस के इंजीनियरों द्वारा उनको सिर्फ स्लाइड या प्रोजेक्टर के जरिए बताया गया। आईटीएमएस को चलाने को लेकर सिस्टम पर बैठाकर प्रशिक्षण नहीं दिया गया।
विज्ञापन
इन्होंने बताई समस्या
उप निरीक्षक यातायात राज किशोर यादव, रघुराज सिंह, श्रीराम गौतम व मोहम्मद मुकीम। हेड कांस्टेबल सूरत राम, रामपाल सिंह व राम प्रवेश यादव। कांस्टेबल दीपक निगम, रवि प्रकाश भारती, अरुण कुमार, विनोद कुमार, गजेंद्र सिंह वह कांस्टेबल दिलीप कुमार गुप्ता।
इनके बारे में नहीं जानते कुछ
- ग्रीन कॉरिडोर बनाने को लेकर। व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) के बारे में। कॉल बाक्स के जरिए चौराहों पर यातायात नियमों के बारे में प्रचार-प्रसार करने और दिशा-निर्देश दिए जाने की। वीआईपी-वीवीआईपी आवागमन के समय ट्रैफिक सिग्नल को मैनुअल या ब्लिंक पर किए जाने के बारे में कुछ जानकारी का अभाव। रेड लाइट तोड़ने पर फोटो लेकर ई-चालान करने की। ट्रैफिक लोड के हिसाब से सिग्नल के समय में कैसे बदलाव किया जाए।
अब फिर से बन रही ट्रेनिंग के लिए सूची
आईटीएमएम तैयार और उसका संचालन करने वाली निजी कंपनी टेक्नोसिस के सहायक मैनेजर सत्या सिंह का कहना है कि पहले ट्रेनिंग दी गई थी। अब फिर से ट्रेनिंग की बात आई है। यातायात विभाग की ओर से आदेश आएगा तो संबंधित को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसे लेकर यातायात विभाग सूची बना रहा है।
विस्तृत और व्यावहारिक प्रशिक्षण की जरूरत
पुलिस आयुक्त सहित अन्य अफसरों को लिखे पत्र में पुलिस उपायुक्त यातायात डॉ. ख्याति गर्ग ने कहा है कि सभी यातायात कर्मियों को आईटीएमएस के संबंध में विस्तृत और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है। ताकि भविष्य में आईटीएमएस से यातायात संचालन में कर्मियों को कठिनाई न हो।
विज्ञापन
राजधानी के यातायात पुलिसकर्मी इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं।
यह खुलासा आईटीएमएस पर उन यातायात पुलिसकर्मियों की बीते माह हुई एक कार्यशाला के बाद जारी रिपोर्ट से हुआ है कि जिनको ट्रेनिंग दी गई थी।
अब सवाल यह है कि जिन कर्मचारियों को प्रशिक्षण नहीं मिला उनका क्या हाल होगा। जबकि ट्रैफिक सिस्टम को स्मार्ट बनाने के लिए सालभर से आईटीएमएस पर यातायात चलाया जा रहा है और नियमों के उल्लंघन पर चालान भी हो रहे हैं।
अब फिर से ट्रेनिंग देने के लिए पुलिस उपायुक्त यातायात डॉ. ख्याति गर्ग ने पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था और नगर आयुक्त को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
सिस्टम पर बैठाकर नहीं दिया प्रशिक्षण
यातायात कर्मियों ने अपने अफसरों को कार्यशाला में बताया कि प्रशिक्षण के दौरान आईटीएमएस के इंजीनियरों द्वारा उनको सिर्फ स्लाइड या प्रोजेक्टर के जरिए बताया गया। आईटीएमएस को चलाने को लेकर सिस्टम पर बैठाकर प्रशिक्षण नहीं दिया गया।
विज्ञापन
इन्होंने बताई समस्या
उप निरीक्षक यातायात राज किशोर यादव, रघुराज सिंह, श्रीराम गौतम व मोहम्मद मुकीम। हेड कांस्टेबल सूरत राम, रामपाल सिंह व राम प्रवेश यादव। कांस्टेबल दीपक निगम, रवि प्रकाश भारती, अरुण कुमार, विनोद कुमार, गजेंद्र सिंह वह कांस्टेबल दिलीप कुमार गुप्ता।
इनके बारे में नहीं जानते कुछ
- ग्रीन कॉरिडोर बनाने को लेकर। व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) के बारे में। कॉल बाक्स के जरिए चौराहों पर यातायात नियमों के बारे में प्रचार-प्रसार करने और दिशा-निर्देश दिए जाने की। वीआईपी-वीवीआईपी आवागमन के समय ट्रैफिक सिग्नल को मैनुअल या ब्लिंक पर किए जाने के बारे में कुछ जानकारी का अभाव। रेड लाइट तोड़ने पर फोटो लेकर ई-चालान करने की। ट्रैफिक लोड के हिसाब से सिग्नल के समय में कैसे बदलाव किया जाए।
अब फिर से बन रही ट्रेनिंग के लिए सूची
आईटीएमएम तैयार और उसका संचालन करने वाली निजी कंपनी टेक्नोसिस के सहायक मैनेजर सत्या सिंह का कहना है कि पहले ट्रेनिंग दी गई थी। अब फिर से ट्रेनिंग की बात आई है। यातायात विभाग की ओर से आदेश आएगा तो संबंधित को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसे लेकर यातायात विभाग सूची बना रहा है।
विस्तृत और व्यावहारिक प्रशिक्षण की जरूरत
पुलिस आयुक्त सहित अन्य अफसरों को लिखे पत्र में पुलिस उपायुक्त यातायात डॉ. ख्याति गर्ग ने कहा है कि सभी यातायात कर्मियों को आईटीएमएस के संबंध में विस्तृत और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है। ताकि भविष्य में आईटीएमएस से यातायात संचालन में कर्मियों को कठिनाई न हो।