शहर के 20 चौराहों को गोद लेगी ट्रैफिक पुलिस
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राजधानी में यातायात व्यवस्था सुधारने की तमाम कोशिशों के बीच ट्रैफिक पुलिस ने शहर के 20 प्रमुख चौराहे गोद लेने की नई कवायद शुरू की है। इस योजना में हजरतगंज और पॉलीटेक्निक जैसे उन चौराहों को शामिल किया गया है, जहां ट्रैफिक लोड बहुत अधिक होता है।
यातायात सुचारु बनाने के लिए इस चौराहों से अतिक्रमण दूर करवाया जाएगा और रुकावट बन रहे बिजली के खंभे व तार हटवाए जाएंगे। इस काम में नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम सहित अन्य विभागों की मदद भी ली जाएगी।
एएसपी ट्रैफिक बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि इस योजना के तहत चौराहे चिह्नित कर लिए गए हैं। सबसे पहले इन चौराहों पर अतिक्रमण हटवाया जाएगा। ठेले-खोमचे और फुटपाथ पर लगने वाली चाय की दुकानों सहित अन्य अवैध कब्जे हटने से वाहनों को आवागमन के लिए पूरी जगह मिलेगी। इससे स्लो ट्रैफिक या जाम जैसी समस्या से निजात मिलेगी।
होर्डिंग्स और बैनर हटवाकर चौराहों को साफ-सुथरा बनाया जाएगा। बिजली के तारों और केबल के जंजाल से चौराहों को मुक्ति दिलाई जाएगी। अगर कोई बिजली या टेलीफोन का खंभा यातायात में बाधक बन रहा है तो संबंधित विभाग से संपर्क कर उसे हटवाया जाएगा।
कैमरे रखेंगे वाहन चालकों पर नजर
वाहन चालकों की अराजकता पर अंकुश लगाने के लिए चिह्नित चौराहों पर चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। आसपास के सौ मीटर के दायरे को नो-पार्किंग, नो-वेंडिंग जोन घोषित किया जाएगा। चौराहों पर मैनहोल या गड्ढों की मरम्मत कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि चिह्नित चौराहों की रोड इंजीनियरिंग एक्सपर्ट से निरीक्षण कराकर यातायात व्यवस्था में सुधार संबंधी सुझाव लिए जाएंगे। नगर निगम और एलडीए की मदद से चौराहों का सुंदरीकरण भी कराया जाएगा।
कुल 411 चौराहे, सिर्फ 161 पर लगती है ड्यूटी
राजधानी में कुल 411 चौराहे हैं, लेकिन मैनपावर की कमी के चलते सिर्फ 161 चौराहों पर ही ड्यूटी लग पाती है। ट्रैफिक सूत्रों के मुताबिक फिलहाल ट्रैफिक पुलिस के पास चार डिप्टी एसपी, पांच इंस्पेक्टर, 23 ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर और 379 कांस्टेबल हैं। यह संख्या दस साल पहले तय हुई ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की संख्या से भी कम है।
एक चौथाई कर्मचारी वीवीआईपी ड्यूटी में
यातायात विभाग 25 प्रतिशत कर्मचारी रोज वीवीआईपी ड्यूटी में लगे रहते हैं। ट्रैफिक अफसरों का कहना है कि अगर हर चौराहे पर ड्यूटी लगानी हो तो 3000 कांस्टेबल, 200 ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर, 26 ट्रैफिक इंस्पेक्टर चाहिए।
एएसपी ट्रैफिक कहते हैं कि मैनपावर और संसाधनों की कमी के चलते ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि शासन से 1000 कांस्टेबल की मांग की गई है। इनके आने से काफी बदलाव देखने को मिलेगा।
गंज, पॉलीटेक्निक का जिम्मा एएसपी ट्रैफिक को
हजरतगंज और पॉलीटेक्निक चौराहा एएसपी ट्रैफिक गोद लेंगे। हजरतगंज सूबे का वीवीआईपी चौराहा है तो पॉलीटेक्निक सबसे अराजक और व्यस्त चौराहा माना जाता है। एएसपी ट्रैफिक ने बताया कि इसके अलावा ट्रैफिक के सभी सीओ और इंस्पेक्टर भी दो-दो चौराहे संभालेंगे।
ये चौराहे हुए चिह्नित
हजरतगंज, पॉलीटेक्निक, आईटी, मुंशी पुलिया, मटियारी, भूतनाथ, इंजीनियरिंग कॉलेज, तेलीबाग, कैसरबाग, बर्लिंग्टन, चारबाग, महाराणा प्रताप, भूतनाथ, कपूरथला, गोल मार्केट, अमीनाबाद, डालीगंज, चौक, शाहमीना, आलमबाग।